केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण वह इसमें एफडीआई की सीमा 100 प्रतिशत करने के लिए सहमत नहीं है. शिरोमणि अकाली दल के बलविंदर सिंह भुंडर द्वारा पूछे गये प्रश्न के लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनन्द शर्मा ने कहा कि गृह मंत्रालय प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के, एक संवेदनशील क्षेत्र होने के नाते, इसमें एफडीआई सीमा अथवा प्रवेश मागरे के उदारीकरण के लिए सहमत नहीं है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में एफडीआई सीमा अथवा प्रवेश मार्गों के संदर्भ में कोई संशोधन नहीं किया है. उल्लेखनीय है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर गृह मंत्रालय पहले ही अपना विरोध दर्ज कर चुका है और अब सरकार भी इसमें कोई उदारता दिखाने को तैयार नहीं है.
एक अन्य सवाल के जवाब में आनंद शर्मा ने बताया कि सरकार कई दूसरे क्षेत्रों के लिए एफडीआई नीति में उदारीकरण को मंजूरी के दौरान गृह मंत्रालय की चिंताओं पर विचार कर चुकी है. गौरतलब है कि इससे पहले ट्राई ने हाल हीं में एक परामर्श पत्र जारी किया था, जिसमें ट्राई संबंधित पक्षों की राय जानना चाहता है. ट्राई ने इस मामले पर 12 अगस्त तक संबंधित पक्षों से राय मांगी है.
परामर्श पत्र में, मुख्य ध्यान एफडीआई सीमा में संशोधन सहित कई और पहलुओं पर ध्यान दिया गया था. वहीं, अपने इस परामर्श पत्र के जरिए ट्राई ने कहा था कि, सरकार दूरसंचार सेवाओं में एफडीआई की सीमा को 100 प्रतिशत करने की संभावना पर विचार कर रही है, जिसमें एफआईपीबी के माध्यम से 49 प्रतिशत से अधिक एफडीआई की अनुमति होती है.





