Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

जयपुर के बाद लखनऊ पहुंचेगा नेशनल दुनिया, महुआ के पांच साल पूरे, आउटलुक प्रबंधन ने संकट निपटाया

दिल्ली, मेरठ के बाद अब जयपुर से छपने लगा हिंदी दैनिक नेशनल दुनिया. अगली तैयारी लखनऊ की है. नेशनल दुनिया अब लखनऊ में मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है. इसके बाबत तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. एसबी मीडिया प्रकाशन ग्रुप का यह अखबार अब दिल्ली-एनसीआर के बाहर यूपी व राजस्थान में अपनी पहुंच बना चुका है. माना जा रहा है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजस्थान से यह अखबार शुरू किया गया है. जयपुर एडिशन की लांचिंग 9 अगस्त को की गई. यहां पर संपादक पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ पत्रकार मनोज माथुर को दी गई है.

दिल्ली, मेरठ के बाद अब जयपुर से छपने लगा हिंदी दैनिक नेशनल दुनिया. अगली तैयारी लखनऊ की है. नेशनल दुनिया अब लखनऊ में मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है. इसके बाबत तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. एसबी मीडिया प्रकाशन ग्रुप का यह अखबार अब दिल्ली-एनसीआर के बाहर यूपी व राजस्थान में अपनी पहुंच बना चुका है. माना जा रहा है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजस्थान से यह अखबार शुरू किया गया है. जयपुर एडिशन की लांचिंग 9 अगस्त को की गई. यहां पर संपादक पद की जिम्मेदारी वरिष्ठ पत्रकार मनोज माथुर को दी गई है.

भोजपुरी एंटरटेनमेंट चैनल महुआ ने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं. कई तरह के विवादों और दबावों से जूझ रहे महुआ ग्रुप का यह चैनल महुआ पांच साल पहले 11 अगस्त 2008 को लांच हुआ था. पांच सालों में महुआ ने कई सफलताएं हासिल की. इस चैनल ने भोजपुरिया सभ्यता, संस्कृति और मिट्टी को नई उंचाई बख्शी. इस चैनल के कई भोजपुरी सीरियल व शो सुपरहिट रहे. बाहुबली, बड़की मलकाईन, खानदान, कजरी, इम्तहान आदि सीरियल पापुलर रहे तो ‘भौजी नं.-वन’, 'सुर-संग्राम', 'डांस-संग्राम' और ‘नाच-नचईया धूम मचईया’ जैसे शो ने भोजपुरी इलाके के लोगों को बड़ा प्लेटफार्म दिया. महुआ ने अपने दर्शकों को ढेर सारी सुपरहिट और क्लासिक फिल्में दिखाईं.

उधर,  आउटलुक ग्रुप से खबर है कि तीन अंतरराष्ट्रीय मैग्जीन्स पीपल, मैरी क्लेयर और जियो के बंद होने से मीडिया इंडस्ट्री में ग्रुप की हो रही थूथू से निपटने के लिए प्रबंधन ने कई तरह की कवायद शुरू की है. तीन मैग्जीनों के बंद होने से सैकड़ों मीडियाकर्मी बेरोजगार हो गए. बाद में कोर्ट ने आउटलुक ग्रुप को यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए. ताजी सूचना के मुताबिक आउटलुक मैनेजमेंट और बेरोजगार कर्मियों के बीच सहमति हो गई है. आउटलुक ग्रुप के प्रेसीडेंट इंद्रनील रॉय का कहना है कि कर्मियों और प्रबंधन के बीच विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है. इन्होंने माना कि पत्रिकाओं को बंद करने का निर्णय प्रोफिट से जुड़ा हुआ है. आउटलुक ग्रुप के बिकने की खबर पर राय का कहना है कि ये सब अफवाह है जो कई वर्षों से गाहे बगाहे उड़ती रहती है.

भड़ास4मीडिया तक सूचनाएं [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...