दैनिक जागरण वाले जो कर करा दें, वही कम है. पेड न्यूज, उगाही, शोषण, फर्जीवाड़ा आदि के बाद अब ताजा काम शुरू किया है डायनामाइट से धमाका करने का. जैसे भारत ने हो कोई अफगानिस्तान हो जहां कोई नियम-कानून न हो. पर जागरण वाले नियम-कानून मानते कब हैं, क्योंकि ये नियम-कानून बनाने वालों को साधने में माहिर जो ठहरे. मसला झांसी का है. यहां दैनिक जागरण वाले डायनामाइट लगाकर विस्फोट कर रहे थे. धमाकों से लोग दहल गए. होटल समेत कई मकानों को नुकसान पहुंचा है.
जब अखबार चलाने वाले ही ऐसी हरकत करें तो भला इनकी खबर कौन छापेगा. लेकिन धरती वीरों से खाली नहीं है. झांसी में एक अखबार है जनसेवा मेल. इसने अपने पेज नंबर तीन पर विस्तार से पूरी खबर छापी है. साथ में यह भी कि दैनिक जागरण के मालिक समेत कइयों पर दो मुकदमें दर्ज किए गए हैं. यह तो हमको आपको सबको पता है कि इन जागरण वालों के खिलाफ कोई एक्शन होना हवाना तो है नहीं क्योंकि सत्ता इनकी मुट्ठी में, अफसर इनकी मुट्ठी में, पुलिस इनकी मुट्ठी में, नेता इनकी मुट्ठी में. इसलिए ये मुकदमें और कानूनी कार्रवाई आगे चलकर दम तोड़ दे तो किसी का आश्चर्य नहीं होगा.
सोचिए, अगर यही हरकत किसी आम आदमी ने किया होता तो ये दैनिक जागरण वाले ही कितनी बड़ी बड़ी खबर छापते और उस आम आदमी का क्या हश्र होता जो डायनामाइट लगाकर धमाके कर रहा होता. सोचिए सोचिए भाई.. सोचिए, क्योंकि यह यूपी है और यहां सपा का राज चलता है, जहां प्रभावशाली आदमी कुछ भी कर सकता है और आम आदमी बिना अपराध के थाने-जेल जा सकता है. नीचे जनसेवा मेल की कटिंग है. इस कटिंग पर क्लिक कर देंगे तो आपको विस्तार से पूरी कहानी पढ़ने को मिल जाएगी. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया
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