प्रभात शुंगलू पढ़ने लिखने वाले पत्रकार हैं. आईबीएन7 से विदा होने के बाद प्रभात ने कई नौकरियां पकड़ी और छोड़ी. वे खाली समय में किताब लेखन से लेकर घूमने-फिरने समते कई तरह के क्रिएटिव काम करते हैं. उन्होंने फेसबुक पर एक चैनल के बारे में इशारा करते हुए कई बातें कही हैं. प्रभात शुंगलू की छवि एक सीरियस जर्नलिस्ट की है. उनकी बात में दम होता है. तो, उन्होंने जो कुछ कहा है, उसे पढ़कर यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर किस चैनल और उस चैनल के किस शख्स के बारे में प्रभात शुंगलू बातें कर रहे हैं.
हालांकि प्रभात शुंगलू को चाहिए था कि वे नाम के साथ लिखें, क्योंकि ऐसा न करने पर उनसे खुद सवाल पूछा जाएगा कि आपको किसका डर जो आप नाम लिखने से डर रहे और जब आप नाम लिखने से डर रहे तो कैसे माना जाए कि आप गलत का भरपूर विरोध करने की ताकत हैसियत रखते हैं? वैसे, कुछ लोगों का कहना है कि ये प्रभात शुंगलू की निजी भड़ास भी हो सकती है, वजह ये कि कभी वो इस चैनल में काम किया करते थे और एक दिन उन्हें इस चैनल से अचानक जाने को कह दिया गया है. फिलहाल यहां प्रभात शुंगलू का फेसबुकी स्टेटस और उस पर आए कमेंट प्रकाशित हैं.
अगर आपको पता हो कि प्रभात जी किस चैनल और किस शख्स के बारे में ये बातें कर रहे हैं, तो प्लीज मुझे भी बताइएगा. वैसे, एक पत्रकार ने फोन कर बताया कि जो डर प्रभात शुंगलू को चैनल व चैनल के आदमी का नाम नहीं खोलने दे रहा, वही डर चैनल के उस सक्षम आदमी को छंटनी करने से रोक देने का साहस नहीं पैदा करने दे रहा. ये अलग बात है कि डर कई प्रकार के होते हैं और डर काम करने लगे, इसके लिए इसकी मात्रा हर आदमी के लिए अलग-अलग होती है.
-यशवंत सिंह, एडिटर, भड़ास4मीडिया
Prabhat Shunglu : एक टॉप टेन में आने वाले हिंदी चैनल में छंटनी होने वाली है। लिस्ट बनाने का काम उन संपादक टाइप लोगों को सौंपा गया है जिनकी वजह से चैनल की पिछले सात सालों में ये गत हुई है। यानि कि गुनहगार बच जाएंगे। जो वाकई सक्षम हैं और संपादक टाइप लोगों की चाकरी नहीं करते वो जल्द चैनल से बाहर होंगे। किंतु एक आदमी ऐसा होने से रोक सकता है। लेकिन वो चुप रहेगा। जैसा कि वो पिछले सात सालों में चैनल की छीछालेदर होते देखता रहा मगर चुप रहा। वो बहुत ही भला मानूस है।
Shravan Kumar Shukla हां! आईबीएन7 जैसे चैनल की यही हालत है प्रभात जी!
Raju Sajwan सर, बेशक आप एक चैनल की बात कर रहे होंगे, लेकिन जिस भी चैनल या प्रिंट में छंटनी होती है, उस सबमें भी ऐसा ही होता है
Nishant Goel सर इस तरह की पत्रकारिता का कोई सरोकार है क्या?
Suman Pal प्रभात जी, अच्छी प्रतिभा सस्ते में बाजार में उपलब्ध होने वाली है।
Mohammad Faizan Tahir Sir ji kahin wo chehra apka to nahi h
Recha Bajpai Hamam me sab nange hai sir….nobody is clear n honest…m sry for my cmnt but its a reality of few news channel
Sidharth Singh You r right channel ho ya news paper chaplusi har kahi havi ho gai h…
Abhishek Upadhyay Mera qatil hi mera munsif hai. Kya mera haq main faisala dega :):)
Girijesh Vashistha चैनल हमेशा मैनेजमेंट के गलत फैसलों से ही गिरते हैं । कर्मचारी तो बस बेरोजगार हो जाते हैं
Rohit Ghosh Chataai har keemat per…
Maheep Maheepkumarsingh sir media me jayada tar log gunahgar aur chaploosh logon ki wajah se hi ye ho raha hai gunehgar hamesha bachh jata hai… patrakarita kam chatukarita jayada ho gayi hai sir
Ajay Tiwari Khub Bhalo…….
Shaquib Khan भाई प्रभात ज़रा भले मानुष का नाम भी तो बताएये ।
Ganesh Sharma Bhurtel ek bechara mass communication karke 15000/ paane ke liye aatur hai toh dusra mitthaai bechne wala 100000/ ke kareeb panhuncha hua hai…………ye sab HOD ki dein hai mere bhai…… gita saar padho aur sab bhul jao………… bas ek samay hi balwaan hai.
Ganesh Sharma Bhurtel HODs ki manmaani hi channel ko kha jaati hai….
(प्रभात शुंगलू के फेसबुक वॉल से.)





