पंजाब के गुरदासपुर से खबर है कि अनाज मंडी में बारिश से खराब हो रही गेहूं की फोटो खींचने पर पनसप के कर्मचारी आग बबूला हो गए और उन्होंने पत्रकारों को देख लेने की धमकियां तक दे डालीं। कुछ पनसप कर्मियों का कहना था कि यदि वह पत्रकारों को महीना भरते हैं तो खबर लगाने की हिम्मत किसकी? शांतिमय ढंग से करवेज कर रहे पत्रकारों के कैमरों पर भी हाथ डाला गया। कुछ पत्रकार 15 अगस्त की रिहर्सल की कवरेज कर रहे थे कि उन्हें दाना मंडी में किसी तरह की बदबू महसूस हुई। जब उन्होंने मंडी के पीछे जाकर देखा तो वहां पर गले-सड़े गेहूं के ढेर लगे हुए थे जिनमें से बड़ी बदबू उठ रही थी।
पत्रकारों ने जब खराब हो रहे गेहूं की फोटो खींची तो वहां पर मौजूद पनसप के एक इंस्पेक्टर ने उन्हें फोटो खींचने से मना किया व फोटोग्राफर का कैमरा छीनने के लिए भागा। इसी बीच उसने अपने दो अन्य सहयोगियों को भी बुला लिया। जब अधिकारियों से खराब हो रहे गेहूं के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि वह फोटो नहीं खींच सकते क्योंकि पत्रकारों को महीना भरा जा रहा है। उक्त अधिकारियों ने पत्रकारों को जानी व माली तौर पर नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दीं। इस घटना के बाद एकत्रित हुए पत्रकार भाईचारे का एक शिष्टमंडल डीसी गुरदासपुर डा. अभिनव त्रिखा से मिला और उन्हें लिखित रूप में शिकायत की। पत्रकारों ने डीसी को यह आग्रह भी किया यह बात सामने लाई जाए कि कौन पत्रकार हैं जिन पर महीना भरे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। डीसी गुरदासपुर ने उक्त शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए मामले की जांच का जिम्मा एसडीएम गुरदासपुर को सौंप दिया है।





