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अखबारों के बाद टीवी, टीवी के बाद अब नेट पत्रकारिता ने नए किस्म की रिपोर्टिंग शुरू की है

Sanjaya Kumar Singh : अखबारों के बाद टीवी पर खबरें आना शुरू होने के बाद जिस तरह खबरों की परिभाषा बदल गई और लाइव रिपोर्टिंग के नाम पर मरने वालों के परिवार से पूछा जाने लगा, “आपको कैसा लग रहा है”, और “नोएडा में एक स्कूल बस की दूसरे वाहन से भयंकर टक्कर हुई। ये देखिए घटना स्थल से लाइव तस्वीर। इसमें बुहत सारे बच्चे मरे होंगे” (इस दुर्घटना में कोई नहीं मरा था जो बच्चे घायल हुए थे उन्हें मामूली उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी) जैसी खबरें आने लगीं वैसे ही अब नेट पत्रकारिता ने नए किस्म की रिपोर्टिंग शुरू की है।

Sanjaya Kumar Singh : अखबारों के बाद टीवी पर खबरें आना शुरू होने के बाद जिस तरह खबरों की परिभाषा बदल गई और लाइव रिपोर्टिंग के नाम पर मरने वालों के परिवार से पूछा जाने लगा, “आपको कैसा लग रहा है”, और “नोएडा में एक स्कूल बस की दूसरे वाहन से भयंकर टक्कर हुई। ये देखिए घटना स्थल से लाइव तस्वीर। इसमें बुहत सारे बच्चे मरे होंगे” (इस दुर्घटना में कोई नहीं मरा था जो बच्चे घायल हुए थे उन्हें मामूली उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी) जैसी खबरें आने लगीं वैसे ही अब नेट पत्रकारिता ने नए किस्म की रिपोर्टिंग शुरू की है।

हांगकांग में रहने वाले बस्ती, उत्तर प्रदेश के Samar Anarya ने दैनिक भास्कर की पोर्न पत्रकारिता के खिलाफ अभियान छेड़ा तो उनका फेसबुक प्रोफाइल 24 घंटे के लिए ब्लाक करवा दिया गया। समर भी कहां मानने वाले थे Samar Avinash नया प्रोफाइल बना लिया और लिखा, “दैनिक पोर्न भास्कर सोचता है कि एक प्रोफाइल रिपोर्ट करवा के वह प्रतिरोध रोक देगा. अच्छा सोचता है. पर वह यह क्यों सोचता है? इसलिए कि नीचे दिए चार लिंक्स में किसी को क्लिक करिये. उसे बीते दस दिन में उसकी यह सबसे हार्डसेलिंग पोर्न स्टोरीज़ (जिन्हें वह खबर कहता है) हटानी पड़ी हैं. आप इनमे से कोई क्लिक करेंगे तो नहीं खुलेगी. और कुछ पोर्नकार कह रहे थे कि उनकी टीआरपी बढ़ रही है. खैर.. हम चंद लोग उन्हें इस हद तक बैकफूट पर ला सकते हैं तो सब मिल के क्या कर सकते हैं? दैनिक पोर्न भास्कर की पोर्नकारिता की दुकान बंद करवा सकते हैं.”

मेरा ख्याल यह जरूरी भी है। कहने की जरूरत नहीं है कि ऐसा और भी अखबारों की साइटें कर रही हैं पर एक-एक कर निपटना ही ठीक रहेगा। हिन्दी वालों के बीच अगर इंटरनेट को लोकप्रिय बनाना है तो यह बिल्कुल जरूरी है वरना आम लोग वैसे ही इंटरनेट मतलब पोर्न मानते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह के फेसबुक वॉल से.

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