Yashwant Singh : 'जानेमन जेल' का आज डासना जेल में विमोचन हो गया.. लोकार्पण के बाद जब मुझे कुछ वाक्य बोलने के लिए कहा गया तो मंच से मैंने साढ़े चार हजार कैदियों को गा कर सुनाया..''ना सोना साथ जाएगा ना चांदी जाएगी.. सज धज कर जिस दिन मौत की शहजादी आएगी.. ''
जेल के ढेर सारे पुराने परिचित कैदियों-बंदियों से मिला, उन्हें गले लगाया… 'जानेमन जेल' किताब देखकर सब इसकी एक प्रति मांग रहे थे पर सीमित कापियां ले जाने के कारण जितना दे सका, सबको दिया.. और, ताकीद कर दी कि सब मिल बांट कर पढ़ना और यहां वैसे ही मस्त रहना, जैसे मैं रहा…
सच में, मुझे जेल से प्यार हो गया है… अब तक दो बार जेल के उन दर्जनों कैदियों को कई मित्रों के आर्थिक सपोर्ट की वजह से छुड़वा चुका हूं, जो जुर्माना न भरने की वजह से छोटे-मोटे मामलों में सजा काट रहे थे और जिनका चाल-चलन व बैकग्राउंड सही था.. जेल के भीतर बंद कई सज्जन पुरुषों से गाहे-बगाहे मिलने जाता रहता हूं और उनकी खुशी खैर पूछ कर उनके परिजनों तक पहुंचाता रहता हूं…
लगता है, जैसे जमाने का ग़म मेरा है और मेरा तो कभी कोई ग़म ही नहीं रहा…
डासना जेल के भीतर आज पंद्रह अगस्त के दिन आयोजित समारोह के दौरान 'जानेमन जेल' किताब की लांचिंग के मौके पर
इस बुक के प्रकाशक Shailesh Bharatwasi भी मौजूद थे. उनके लिए जेल के इतना भीतर जाना और इतने सारे कैदियों-बंदियों की दुनिया को देखना पहला व अनोखा अनुभव रहा…
जेल की दुनिया में जी रहे हजारों लोगों के चेहरों व दिलों में ढांढस-सुख-साहस का संचार करने वाले जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा Viresh Raj का दिल से आभार धन्यवाद साधुवाद…डा. वीरेश ने सिस्टम व तंत्र की सीमाओं-बाध्यताओं के बीच अपने निजी सोच व प्रयासों से जेल में आम कैदियों-बंदियों के लिए जो प्रयोग किए हैं, जो कनसर्न दिखाया है, वह तारीफ के काबिल है.
डासना जेल में 'जानेमन जेल' के लोकार्पण की तस्वीरें उपलब्ध होते ही जल्द आप सभी के समक्ष शेयर की जाएंगी.
'जानेमन जेल' किताब को पढ़ने के दौरान आप जेल जीवन के सुख-दुख को संपूर्णता में समझ पाएंगे. 'जानेमन जेल' किताब की जिन-जिन लोगों ने अग्रिम बुकिंग करा ली है, उनके यहां किताब भेजे जाने का सिलसिला कल से शुरू हो जाएगा. अगर आपने बुक नहीं कराया है तो अभी या कल या परसों, जब वक्त मिले, बुक करा सकते हैं. प्री-बुकिंग बेहद आसान है और सस्ता भी. इसेक लिए प्रकाशक की तरफ से भेजी गई जानकारी नीचे शेयर कर रहा हूं.
जय हो आप सभी की.
-यशवंत
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यशवंत की जेल डायरी 'जानेमन जेल' की अग्रिम बुकिंग चल रही है. प्रीबुकिंग में अधिकतम छूट के साथ मिलेगी यशवंत द्वारा हस्ताक्षरित प्रति. प्रीबुकिंग में आपको तुरंत कोई पैसा नहीं देना होता. किताब जब घर पहुंच जाएगी तभी भुगतान करना है. प्री-बुकिंग यानि बिना पैसा दिए अग्रिम बुकिंग कराने के लिए नीचे दिए गए लिंक में से किसी एक पर क्लिक करें. सबसे सस्ता इस वक्त होमशाप18 की तरफ से दिया जा रहा आफर है. सिर्फ 68 रुपये में, डिलीवरी चार्ज समेत. अग्रिम बुकिंग के दौरान जब पेमेंट का आप्शन आए तब आप सिर्फ प्रीबुकिंग पर क्लिक कर दें, पेमेंट बिलकुल ना करें. किताब आपके पते पर पहुंच जाएगी, तभी पैसा देना है.
बुकिंग के लिए पांच विकल्प इस प्रकार हैं..
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भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





