मुंबई। मुंबई से प्रकाशित हिंदी दैनिक नवभारत के कर्मचारी इन दिनों बेहद परेशान है। महगाई के इस दौर में उन्हें तीन तीन महीने बाद वेतन मिल रहा है। वेतन मिलने में देरी की शुरुवात एक डेढ़ महीने से बढ़ कर अब तीन महीने तक पहुंच गयी है। इसकी वजह से पिछले कुछ महीनो में मार्केटिंग और सम्पादकीय विभाग के करीब 10 लोग नौकरी छोड़ चुके हैं।
नवभारत के एज़ीऍम रहे मनीष राणे के साथ मार्केटिंग के 6 लोग एक साथ नवभारत छोड़ कर मराठी अख़बार प्रहार में चले गए। यहाँ काम करने वालों की माने तो इस अख़बार को कंपनी के तीन चार लोग दोनों हाथों से लूट रहे हैं जिसकी वजह से यह आर्थिक संकट पैदा हुआ है। इसका असर अख़बार के सर्कुलेशन पर भी पड़ रहा है। मुंबई शहर में दिन प्रतिदिन यह अख़बार गायब होता जा रहा है।





