दिल्ली । इंडिया टुडे एवं सी वोटर के सर्वे में कोई भी गठबंधन स्पष्ट बहुमत के पास नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण लोकसभा चुनाव के बाद राजनैतिक अस्थिरता सबसे ज्यादा रहेगी। अगस्त माह में हुए सर्वे के अनुसार यूपीए गठबंधन को २०१३ में यदि लोकसभा के चुनाव होते हैं तो १३७ सीटें मिलने का अनुमान है।
वहीं तीसरे मोर्चे के दलों को २५१ मिलने की संभावना सामने आई है। इस सर्वेक्षण में भारत की ५४२ लोकसभा सीटों को शामिल किया गया था। इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस तथा भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्रीय राजनैतिक दलों की स्थिति बेहतर होने के कारण केंद्र में सरकार बनाने के लिए चुनाव परिणामों के बाद नये गठबंधन बनेंगे। उनमें क्षेत्रीय दलों की सौदेबाजी से ही केंद्र में सरकार का गठन संभव होगा।
अगर आज चुनाव हो जाएं तो जनादेश क्या होगा यह जानकार आपको आश्चर्य हो सकता है। यदि अभी चुनाव कराया जाए तो यूपीए और एनडीए गठबंधन २०० का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रहे हैं। थर्ड फ्रंट की सरकार बनने के ज्यादा आसार हैं। आश्चर्य है कि यूपीए के लिए नकारात्मक स्थिति होने के बावजूद एनडीए को लाभ नहीं मिल रहा है। अगस्त २०१३ में आम चुनाव होने पर मोदी की अगुवाई में भी एनडीए को कामयाबी मिलती दिखाई नहीं दे रही है। सर्वे के अनुसार यूपीए-कांग्रेस विरोधी लहर का फायदा अन्य क्षेत्रीय दलो को मिल रहा है जिसके खाते में २५१ सीटें जाएंगी।
२००९ के आम चुनाव में यूपीए को २५९ सीटें मिली थीं लेकिन अगस्त २०१३ में लोकसभा चुनाव हों तो यूपीए की यह संख्या घटकर १३७ सीटें पर आ जाएगी। यूपीए को १२२ सीटों का भारी नुकसान होता दिख है। सर्वे के अनुसार यूपीए को नुकसान होने से एनडीए को भी फायदा नहीं मिल रहा है। एनडीए को १५५ सीटें मिलने की संभावना है जबकि २००९ के चुनाव में उसे १५९ सीटें मिली थीं। अब जेडीयू एनडीए का हिस्सा नहीं है जो कि एक बड़ा कारण है।
सर्वे के अनुसार अभी के हालात में तीसरे मोर्चे को सफलता मिलेगी। इसमें, क्षेत्रीय दलों को २५१ सीटें मिलने का अनुमान है। ऐसा होने पर सरकार बनाने के लिए क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका अहम होगी।





