रामपुर से खबर है कि आइएएस दुर्गाशक्ति नागपाल निलंबन मामले में फेसबुक पर प्रदेश सरकार के खिलाफ कमेंट करने वाले साहित्यकार कंवल भारती पर पुलिस ने आइटी एक्ट में भी मुकदमा दर्ज कर लिया है. संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां के मीडिया प्रभारी की शिकायत पर भारती के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने पांच अगस्त को धारा 153ए (टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को आहत करना) और 295 ए (धार्मिक स्थल पर टिप्पणी करना) में मुकदमा दर्ज किया था. अब आईटी एक्ट की नई धारा बढ़ा दी गई है.
मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टिगेशन सेल कर रही है. सेल के इंस्पेक्टर एसपी शर्मा ने बताया कि विवेचना के दौरान कंवल भारती को आइटी एक्ट की धारा 66ए (ऐसी टिप्पणी करना जिससे उन्माद या घृणा पैदा हो) का भी दोषी पाया गया है. उन पर यह धारा बढ़ा दी गई है. इस धारा में छह साल की सजा का प्रावधान है. उधर, भारती ने बताया कि वह मुकदमा खारिज कराने के लिए हाईकोर्ट जाएंगे.
उधर, दलित चिंतक कंवल भारती के फेसबुक पर कमेंट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की अखिलेश सरकार को नोटिस जारी किया है. शुक्रवार को कंवल भारती की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भेज चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है. गौरतलब है कि प्रदेश के मंत्री आजम खान ने भारती के उपर रासुका लगाए जाने की धमकी दी थी. इन सब घटनाओं के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच गया था. वहीं इस मामले की जांच अखिलेश सरकार क्राइम ब्रांच को सौंप चुकी है.
भारती ने इससे पहले एक प्रेस कान्फ्रेंस में आरोप लगाते हुए कहा था कि सरकारें धीरे-धीरे अभिव्यक्ति की आजादी पर तानाशाही रवैया अपना रही है. पहले महाराष्ट्र और अब यूपी में फर्जी मामले दर्ज करवा मुझे गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं दूसरी तरफ, लेखक संगठनों ने भी कंवल भारती की गिरफ्तारी पर एक होकर इसका विरोध जता रहे हैं. मामला यहां तक आ गया है कि सभी लेखक एक-दूसरे से अपील कर रहे हैं कि यूपी सरकार से पुरस्कार प्राप्त करने वाले लेखक अपना पुरस्कार सम्मान विरोध जताते लौटा दें.





