नए साल में प्रवेश करते करते एक बड़ी लेकिन बुरी खबर आ गई है. बेनेट कोलमैन (बीसीसीएल) उर्फ टाइम्स आफ इंडिया ग्रुप वालों ने अपने हिंदी बिजनेस दैनिक इकानामिक टाइम्स हिंदी का प्रकाशन बंद करने का फैसला ले लिया है. बताया जा रहा है कि पहली जनवरी से यह अखबार मार्केट में नहीं आएगा. इस अखबार के बंद किए जाने से इसमें कार्यरत दर्जनों मीडियाकर्मियों के सड़क पर आ जाने की आशंका है. हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बीसीसीएल के अखबार नवभारत टाइम्स में एडजस्ट करने की कोशिश की जा रही है.
नभाटा के मेरठ, आगरा, देहरादून समेत कई शहरों में एडिशन्स आने वाले हैं. इनमें ईटी हिंदी के लोगों को भेजा जा सकता है. ईटी हिंदी से जुड़े एक शख्स का कहना है कि शुक्रवार से ईटी हिंदी नहीं छपेगा. संपादक राहुल जोशी खुद कोशिश में लगे हैं कि इसमें कार्यरत कर्मियों को नभाटा में लगा दिया जाए. उधर, कुछ लोगों ने दूसरे संस्थानों में भी नौकरी तलाशना शुरू कर दिया है. चर्चा ये भी है कि कहीं ईटी हिंदी की बंदी के बाद से अन्य बिजनेस हिंदी दैनिकों की बंदी का रास्ता भी न खुल जाए. एक समय था जब हर बड़ा मीडिया हाउस धड़ाधड़ हिंदी बिजनेस दैनिक शुरू कर रहा था. भास्कर समेत कई समूह इस वक्त हिंदी बिजनेस दैनिक निकाल रहे हैं. ज्यादातर हिंदी बिजनेस दैनिक घाटे में चल रहे हैं. कहीं अन्य अखबारों का प्रबंधन भी अपने घाटे में चल रहे हिंदी बिजनेस दैनिकों को बंद करने पर विचार न करने लगे.





