Mukesh Kumar : एक झटके में साढ़े तीन सौ लोगों की छुट्टी… बहुद ही हृदय विदारक खबर है दोस्तों… लेकिन ये केवल शोक- गुस्सा प्रकट करने या टांग खिंचाई करके मजा लेने का समय नहीं है… हमें आत्मचिंतन करना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ.. क्यों हो रहा है… और इससे निपटने का रास्ता क्या है?
ध्यान रहे, ये पहली और आखिरी घटना नहीं है… कहीं हम छाती पीटकर फिर से खामोश बैठ गए तो कुछ नहीं होगा.. बहुत जरूरी है कि हम एकजुट हों… संगठित होकर इस तरह की मुश्किलों का सामना करने का रास्ता तलाशें..
वरिष्ठ पत्रकार और कई चैनलों के संस्थापक संपादक रहे मुकेश कुमार के फेसबुक वॉल से.





