लखनऊ। साहित्यकार कंवल भारती को यूपी पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके ऊपर दर्ज मुकदमे की विवेचना मजिस्ट्रेट की निगरानी में होनी चाहिए। कंवल भारती ने आइएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन पर प्रदेश सरकार के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी की थी। इस पर उनके खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने पांच अगस्त को धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था जिसकी विवेचना पुलिस कर रही है। इससे उनको एतराज है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें बिना कसूर बताए गिरफ्तार किया और घंटों थाने में बैठाए रखा, अब वह कुछ भी कर सकती है। मुकदमे की विवेचना मजिस्ट्रेट की निगरानी में होनी चाहिए। उनके अधिवक्ता नजर अब्बास ने बताया कि कोर्ट में दो दिन अवकाश है। मंगलवार को कोर्ट खुलने पर मजिस्ट्रेटी निगरानी में विवेचना कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र देंगे।





