Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

डेक्कन क्रॉनिकल के ट्रेडमार्क बेचने पर बैंकों में नहीं एका

कर्ज के बोझ से दबे मीडिया हाउस डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड के एसेट्स की बिक्री के अधिकार को लेकर आईडीबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक आपस में भिड़ गए हैं। प्राइवेट बैंक ने हैदराबाद की बीमारू मीडिया हाउस डीसीएचएल के ट्रेडमार्क्स के राइट्स को लेकर आईडीबीआई के दावे को चुनौती दी है। यह मीडिया हाउस डेक्कन क्रॉनिकल, एशियन पेज, फाइनेंशियल क्रॉनिकल और आंध्र भूमि अखबारों का प्रकाशक है। इस कंपनी को बैंकों ने करीब 5,000 करोड़ रुपए का लोन दिया है।

कर्ज के बोझ से दबे मीडिया हाउस डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड के एसेट्स की बिक्री के अधिकार को लेकर आईडीबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक आपस में भिड़ गए हैं। प्राइवेट बैंक ने हैदराबाद की बीमारू मीडिया हाउस डीसीएचएल के ट्रेडमार्क्स के राइट्स को लेकर आईडीबीआई के दावे को चुनौती दी है। यह मीडिया हाउस डेक्कन क्रॉनिकल, एशियन पेज, फाइनेंशियल क्रॉनिकल और आंध्र भूमि अखबारों का प्रकाशक है। इस कंपनी को बैंकों ने करीब 5,000 करोड़ रुपए का लोन दिया है।

आईडीबीआई बैंक ने पिछले मंगलवार को ट्रेडमार्क की बिक्री के लिए नोटिस जारी किया था। कोटक महिंद्रा ने इसके खिलाफ कहा कि इसने अगस्त 2012 में ट्रेडमार्क का चार्ज हासिल किया था। तब इस बैंक ने डीएचसीएल प्रमोटर्स को 95 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज दिया था। शुक्रवार को जारी पब्लिक नोटिस में कोटक महिंद्रा बैंक ने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि आईडीबीआई बैंक द्वारा आमंत्रित बोली में हिस्सा लेकर जोखिम नहीं उठाएं। आईडीबीआई बैंक और कोटक महिंद्रा ने इस मामले पर कमेंट करने से इनकार कर दिया।

मामले की जानकारी रखने वाले एक बैंकर ने बताया, 'हमारे लीगल डिपार्टमेंट ने हर पहलू को समझने के बाद ही नीलामी की घोषणा की है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय बैंक अपने राइट्स को एनफोर्स नहीं करते और बहुत ही को-ऑर्डिनेटेड अप्रोच अपनाते हैं।' इस बैंकर ने बताया, 'इस ट्रेडमार्क पर किसी दूसरे का अधिकार नहीं है। यह पूरी तरह कंपनी के पास है। इस पर पूरी तरह से ग्रुप और प्रमोटर का ज्वाइंट अधिकार है। कोई भी इसमें बदलाव के बारे में नहीं कह सकता है।'

बैंकर ने बताया, 'हमारे पास एसेट्स बेचने का अधिकार है। उन्होंने इसे हमारे पास गिरवी रखा है। डेक्कन क्रॉनिकल ने कई बैंकों से कर्ज लिया था। हमें एक दूसरे का विरोध करने की जगह आपसी सहयोग से एसेट बेचने चाहिए। हम कोटक के साथ आपसी सहमति से मामलों को हल करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा मानना है कि आपस में मिलकर एसेट बेचने के बाद जो पैसा मिलता है, उसे बैंक बांट सकते हैं। हालांकि, इसके लिए लेंडर्स के पास एसेट के राइट्स होने चाहिए।'

डीसीएचएल प्रमोटर्स द्वारा गिरवी रखे एसेट पर दावा करने वालों में कोटक महिंद्रा अकेला नहीं है। पहले भी कई लेंडर्स और डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स डीसीएचएल पर धोखाधड़ी करके एक ही एसेट को कई लेंडर्स और इनवेस्टर्स के पास गिरवी रखकर लोन जुटाने का आरोप लगा चुके हैं। डीसीएचएल ने करीब दो दर्जन सरकारी और प्राइवेट लेंडर्स से 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लिया है। इनमें केनरा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आंध्र बैंक, आईएफसीआई, एलआईसी, एसबीआई पेंशन, युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक सहित दूसरे फाइनेंशियल संस्थान शामिल हैं।
 

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...