Prabhat Shunglu : पत्रकारों और सहकर्मियों की नौकरी खाने वाले ऐसे सो कॉल़्ड संपादकों का हर फोरम पर बहिष्कार हो। उनको किसी फोरम पर बोलने या पैनल में शरीक होने का न्योता ही क्यों दिया जाए। जहां जहां इनके कॉलम चल रहे हों वहां उन संपादकों से अपील की जाए कि वो इनके कॉलम को बंद करें। इनका सोशन बॉयकॉट ज़रूरी है।
और हां, सभी संपादकों के लिए अपना और अपने परिवार का Asset declaration अनिवार्य करना इसको लेकर चैनलों, प्रेस काउंसिल, एडिटर्स गिल्ड और BEA (Broadcast Editors Association ) पर दबाव बनाया जाए। सभी चैनल के संपादक या न्यूज़रूम का हर वो व्यकित् जिसकी तन्ख्वाह एक लाख से ऊपर हो इसके दायरे में लाए जाएं।
वरिष्ठ पत्रकार प्रभात शुंगलू के फेसबुक वॉल से.






