नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने सोमवार को कहा कि पिछले सप्ताह एक समाचार चैनल द्वारा बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने और चैनल के एक संरक्षक द्वारा वेतन बोर्ड की सिफारिशों के खिलाफ कानूनी सहारा लिए जाने के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि मीडिया भी एक व्यापार है।
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में सीएमएस अकादमी द्वारा ‘भारत में समाचार माध्यमों की शिक्षा’ विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में तिवारी ने कहा कि अब मीडिया के औचित्य के प्रश्र पर विचार किए जाने की जरूरत है कि क्या यह अब भारतीय संविधान के अनुसार व्यापार है या कुछ और। तिवारी ने एक बड़े समाचार चैनल द्वारा आकार घटाने या सही आकार प्राप्त करने के लिए की गई छंटनी के संदर्भ में ये बातें कही। तिवारी ने कहा, ‘‘समाचार चैनल के एक संरक्षक ने जब वेतन बोर्ड की सिफारिशों को कानूनी तौर पर चुनौती दी तो मुझे इसमें कोई संदेह नहीं रह गया और इसे स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि मीडिया भी एक व्यापार है।’’ तिवारी एक समाचार चैनल द्वारा पिछले सप्ताह 300 कर्मचारियों की छंटनी किए जाने के संदर्भ में ये बातें कहीं।





