चूरू निवासी अस्सी वर्षीय प्रख्यात शिक्षक और पत्रकार रामलाल शर्मा का कल देर रात जयपुर चिकित्सालय में स्वर्गवास हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनकी अंतिम यात्रा आज दोपहर एक बजे चूरू के सुराणा मोहल्ला (पुरानी पंचायत समिति के पास) उनके निवास से प्रारंभ हुई। रामलाल चूरू में पत्रकारिता के अलावा शिक्षक के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दी।
विभिन्न शिक्षक आंदोलनों का वर्षों तक नेतृत्व किया। बाद में वे राजनीति में सक्रिय रहे और सांसद श्री मोहरसिंह राठौड़ के करीबी रहकर काम किया। 'सातवें बेड़े' के रूप में लोकव्याख्यायित समूह के वे एक हिस्सा थे। वे साहित्यकार भी थे, संपादक भी थे। 'चूरू पत्रिका' के रूप में उनका काम आज भी मील का पत्थर माना जाता है। उनका जाना चूरू में एक स्तम्भ का ढहना है। श्री रामलाल जी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़कर गए है। प्रयास संस्थान, चूरू के सचिव और साहित्यकार श्री कमल शर्मा उनके ही सुपुत्र हैं।
मुग़लसराय : हाइवे पर चल रहे रेस्क्यू की घटना का कवरेज करने निकले इण्डिया न्यूज़ के पत्रकार शशांक शेखर पाण्डेय व न्यूज़ एक्सप्रेस के पत्रकार सुधांशु शेखर पाण्डेय की मोटर साइकिल मुगलसराय कोतवाली के ठीक सामने सड़क पर बैठे छुट्टा पशु से टकरा गयी और दोनों भाई बाइक से छिटककर दूर जा गिरे। यह महज संयोग ही था कि घटना के वक्त उनके पीछे कोई वाहन नहीं था। इस दुर्घटना में शशांक शेखर को काफी छोटे आई जबकि उनके भाई सुधांशु को हलकी चोट लगी। घटना के बाद से पत्रकारों में पालिका प्रशासन के खिलाफ छुट्टा पशुओं को लेकर काफी नाराजगी है।






