Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

जेएनयू के छात्र और संस्कृतिकर्मी हेम मिश्रा को गिरफ्तार कर पुलिस ने रिमांड पर लिया, व्यापक विरोध शुरू

Ashutosh Kumar : जेएनयू के छात्र और संस्कृतिकर्मी Hem Mishra को गढ़चिरौली में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. इस घटना की व्यापक निंदा और विरोध होना चाहिए. हेम का जीवन इतना सार्वजनिक है कि सर्विलांस के इस दौर में फेसबुक पर उसका मोबाइल भी पब्लिक है. पतित बाबाओं के सामने थरथराने वाली पुलिस स्वप्नदर्शी युवाओं के लिए खासी बर्बर हो सकती है.

Ashutosh Kumar : जेएनयू के छात्र और संस्कृतिकर्मी Hem Mishra को गढ़चिरौली में गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है. इस घटना की व्यापक निंदा और विरोध होना चाहिए. हेम का जीवन इतना सार्वजनिक है कि सर्विलांस के इस दौर में फेसबुक पर उसका मोबाइल भी पब्लिक है. पतित बाबाओं के सामने थरथराने वाली पुलिस स्वप्नदर्शी युवाओं के लिए खासी बर्बर हो सकती है.

Keshav Kumar : आईआईएमसी के दिनों से ही Hem Mishra अपने मित्रवत् हैं। JNU New Delhi के छात्र और संस्कृतिकर्मी हैं। प्रबुद्ध वामपंथी हैं। सुना कि महाराष्ट्र पुलिस ने गढ़चिरौली में उन्हें अकारण गिरफ्तार कर लिया है। यह समाचार अब पुष्ट हो चुका है। ऐसे गैरजिम्मेदाराना पुलिसिए कार्रवाई से लोकतंत्र का हमेशा मजाक उड़ता रहा है। मैं निजी तौर पर महाराष्ट्र पुलिस के इस तानाशाही कदम के खिलाफ किसी भी तरह के सामुहिक आंदोलन में सहभागी रहना चाहूंगा। वेबसाइट पर से नंबर लेकर महाराष्ट्र पुलिस के आलाधिकारियों को फोन करने की शुरुआत की है। आप सब भी ऐसी कोई भूमिका लेकर साथ आइए।

Chandrika Pandey : दोस्तों की सूचना के लिए. अभी यह बात पुष्ट हो पाई है कि Hem Mishra जो कि जे.एन.यू. के छात्र हैं और संस्कृति कर्मी भी हैं. उन्हें गड़चिरौली की अहेरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसके बाद उन्हें दस दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. हम एक छात्र और संस्कृति कर्मी के गिरफ्तारी की निंदा करते हैं.

Rajneesh Sahil : कबीर कला मंच के कलाकारों की गिरफ्तारी, उन पर हुआ हमला, कंवल भारती की गिरफ्तारी, डॉ. दाभोलकर की हत्या और अब हेम मिश्रा की गिरफ्तारी. सब हालिया घटनाएं हैं और सब की सब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ख़त्म करने की कोशिश हैं. ये सभी वो लोग हैं जो सिर्फ ग़लत को ग़लत ही नहीं कहते बल्कि उसे बदलने की कोशिश भी करते हैं. एक बेहतर दुनिया के निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं. लेकिन सरकार और प्रशासन का मुखौटा ओढ़े बैठी सांप्रदायिक और मौकापरस्त ताक़ते नहीं चाहतीं की ये दुनिया उनके फैलाये जालों से मुक्त हो. वे हरचंद कोशिश करती हैं कि उनकी कलई खोलने वाली आवाज़ को दबा दिया जाये. ये सभी हालिया घटनाएँ यही साबित करती हैं. पर क्या लगता है उन्हें, इस दमनकारी व्यवहार से उनके खिलाफ आवाजें उठना बंद हो जाएँगी! मुगालते में मत रहिएगा, ज़रा गौर से सुनिए… इन सबकी आवाज़ अकेली आवाज़ नहीं है, दुनियाभर के तमाम संस्कृतिकर्मियों, लेखकों, विचारकों, चिंतकों से लेकर खेतों में मजदूरी करने वाले तक हर उस आदमी की गूँज इसमें सुनाई देगी जो बेहतर समाज, बेहतर व्यवस्था वाली एक बेहतर दुनिया का पैरोकार है और जो आपके डर से सुबह को रात नहीं तस्लीम करने वाले.

फेसबुक से.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...