Balendu Swami : एक विचार आया है, जोकि धर्मशिक्षा अथवा अन्धविश्वास की आड़ में होने वाले बलात्कारों को बंद कर सकता है, परन्तु उसके लिए धार्मिक संस्थाओं और सरकार को आगे आना पड़ेगा. जो भी साधु-संत सन्यासी बनना चाहे, उसे पहले नपुंसक (बधिया) होना पड़ेगा, और वैसे भी इसमें उन्हें कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए, क्योंकि उनका धर्म तो वैसे भी सेक्स न करने और ब्रह्मचारी रहने की हिदायत देता है, कम से कम इस प्रकार अन्धविश्वास में पड़े हुए माता पिता के बच्चे तो बलात्कार का शिकार होने से बच सकेंगे.
बालेंदु स्वामी के फेसबुक वॉल से.





