महोदय, मेरी माता जी श्रीमती रामदेई देवी जी ने सहारा में पैसा जमा किया था, स्कीम का नाम है-“सहारा इंडिया रियल स्टेट” जिसमे मेरी माता जी को कम्पनी की तरफ से एक पासबुक मिला था, मैंने पत्र मिलने के बाद असली पासबुक और सभी जमा रुपये की पावती मूल रूप से आपको दिनांक-4-7-13 को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया, इस सम्बन्ध में आपसे कई बार मेल से पत्राचार किया गया पर कोई जवाब नहीं मिला |
मेरी माता जी को तो यह भी समझ में नहीं आ रहा कि उनका ये पैसा मिलेगा भी कि नहीं ? सहारा कम्पनी ने आपको 5 हज़ार करोड़ दिया है, यह पैसा मिले आपको 5 माह से अधिक हो गया जिसका व्याज आपको हर माह अच्छा-खासा मिल रहा है | और हम जैसे लोग परेशान हैं |
सहारा में पैसा जमा करने वाले सभी लोग गरीब तबके के हैं, और कम पढ़े लिखे हैं, जिस प्रकार का रवैया सेबी द्वारा अपनाया जा रहा है उससे तो यही लगता है कि सेबी खुद सारा रूपया रख लेना चाहती है, जब मै इतनी लिखा-पढ़ी कर रहा हूँ, मेरा रूपया नहीं मिला तो अन्य लोग जो कुछ जानते ही नहीं उन्हें कहाँ से मिलेगा |
यह अंतिम पत्र आपको लिखा जा रहा है, और ईमेल से भेजा जा रहा है, अब इसके बाद माननीय मुख्य न्यायधीश, उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली को ही पत्र भेजना पड़ेगा | आपकी कार्यप्रणाली के सम्बन्ध में |
सधन्यवाद !
प्रार्थी
अनिल कुमार मौर्या
एस-8/45 पुरानी चुंगी, शिवपुर,
वाराणसी-221003
मो०न०-9125040585
दिनांक-26.08.13






