लखनऊ। माध्यम साहित्यिक संस्थान ने स्टेट गेस्ट हाउस में युवा व्यंग्यकारों की पहली कार्यशाला आयोजित की। दिल्ली के प्रसिद्ध व्यंग्यालोचक सुभाष चंदर ने कार्यशाला में रचनाओं को सुनने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि नई पीढ़ी संभावनाओं से भरी हुई है। इन युवा रचनाओं से गुजरते यह साफ है कि भविष्य में बेहतर रचनाकार साहित्यिक परिदृश्य में नजर आएंगे। यह कार्यशाला इतिहास बनाएगी।
लोकायत दिल्ली के संपादक एवं कथाकार बलराम ने भी स्वीकार किया कि नई पीढ़ी अभिनव सोच के साथ सृजनरत है। उन्होंने यह घोषणा भी की कि लखनऊ के बाद युवा व्यंग्यकारों एवं रचनाकाओं की अगली कार्यशाला ‘दिल्ली संवाद’ की ओर से देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न राज्यों के युवा व्यंग्यकार शामिल होंगे।
अध्यक्षता कर रहे रायपुर के प्रसिद्ध व्यंग्यकार गिरीश पंकज ने कहा कि तहजीब के शहर लखनऊ की युवा प्रतिभाओं की वैविध्यपूर्ण रचनाएं बताती हैं कि साहित्य की धारा कभी सूख नहीं सकती। छंदबद्ध रचनाओं से जुड़े कवि अपनी काव्य परंपरा में नए-नए विषयों की तलाश करेंगे। कार्यशाला के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं व्यंग्यकार अनूप श्रीवास्तव थे। व्यंग्यकार आलोक शुक्ल, डाकतार विभाग की उप महानिदेशक (सतर्कता) अंजू निगम, धऔलपुर के व्यंग्यकार अरविंद तिवारी, युवा व्यंग्यकारों में अनूपमणि त्रिपाठी, अलंकार रस्तोगी ने भी युवा व्यंग्यकारों को संबोधित किया। कार्यशाला का संचालन व्यंग्य कवि पंकज प्रसून ने किया। कार्यशाला का आयोजन अट्टहास पत्रिका की संपादक शिल्पा श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर काफी संख्या में युवा व्यंग्यकारों और कवियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का अगला शिविर 1 सितंबर को
संस्थान के महासचिव अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि व्यंग्य कार्यशाला का अगला शिविर 1 सितंबर को आयोजित होगा। इसकी अध्यक्षता भाषा संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रख्यात व्यंग्य आलोचक गोपाल चतुर्वेदी करेंगे। युवा व्यंग्य रचनाकाओं को जनसंदेश टाइम्स के प्रधान संपादक और प्रसिद्ध चिंतक-विचारक सुभाष राय संबोधित करेंगे। कार्यशाला का संचालन हरेप्रकाश उपाध्याय एवं पंकज प्रसून करेंगे। कार्यशाला के निर्देशन की जिम्मेदारी अनूमणि त्रिपाठी एवं अलंकार रस्तोगी को सौंपी गई है।





