सीएनएन-आईबीएन और आईबीएन7 में सैकड़ों लोगों की छंटनी की मार से पत्रकार समुदाय अभी उबरा भी नहीं था कि दिल्ली में ही एक बड़े अखबार का एडिशन बंद करने व छंटनी की कवायद शुरू हो गई है. भास्कर प्रबंधन दैनिक भास्कर दिल्ली का शटर गिरा रहा है. बताया जाता है कि दिल्ली एडिशन के नाम पर दिल्ली में बस पांच-सात लोग रहेंगे. जनरल डेस्क भोपाल शिफ्ट किया जा रहा है. बाकी सारे पेजेज भोपाल में तैयार व फाइनल होंगे. केवल प्रिंटिंग का काम दिल्ली में किया जाएगा. इस तरह सैकड़ों लोगों को अब कार्यमुक्त करने व ट्रांसफर करने की कवायद शुरू हो चुकी है.
ताजी सूचना के मुताबिक दैनिक भास्कर दिल्ली में कार्यरत विमल झा और रफीक विशाल को कार्यमुक्ति का पत्र थमा दिया गया है. इनको एक महीने का नोटिस प्रबंधन ने दिया है. विमल झा न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे और एडिटोरियल पेज देखते थे. रफीक विशाल चीफ कापी एडिटर के पद पर थे और गुड़गांव-फरीदाबाद डेस्क हैंडल करते थे. इन दोनों को दिए गए लेटर में महीने भर का वक्त दिया गया है. कई और लोगों की विदाई के चर्चे हैं. वरिष्ठ पत्रकार संजीव क्षितिज और हरिमोहन मिश्रा के बारे में बताया जा रहा है कि इनका भी नाम छंटनी की लिस्ट में है. पर इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है. संजीव क्षितिज एक्जीक्यूटिव एडिटर के पद पर भास्कर, दिल्ली में कार्यरत हैं. हरिमोहन मिश्रा डिप्टी एडिटर हैं और जनरल डेस्क देखते हैं.
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