जुलाई महीने में भड़ास4मीडिया पर खबर छपी थी कि 'पत्रकार अजय सेतिया होंगे उत्तराखंड के चौथे सूचना आयुक्त'. इस खबर के छपने पर काफी बवाल हुआ था. उत्तराखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चौथे सूचना आयुक्त के रखे जाने और प्रदेश के बाहर के व्यक्ति को यह पद देने को लेकर हलचल देखी गई थी. उत्तराखंड में राज्यपाल ने डा. निशंक के जमाने में किए गए इस फैसले को अनुमति नहीं दी और फाइल लौटा दी थी.
विपक्ष ने भी इस नियुक्ति पर सवालिया निशान लगाते हुए विपक्ष के नेता की राय न लिए जाने के कारण आपत्ति जताई थी. आखिरकार बड़े वितंडे और राज्यपाल की अनुमति ने मिलने के कारण अजय सेतिया की नियुक्ति की मामला अधर में लटक गया. बाद में खुद अजय सेतिया ने इस प्रकरण से अपने को अलग कर लिया. वर्तमान में उत्तराखंड में मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में एनएस नपलच्याल कार्यरत हैं, जबकि विनोद नौटियाल, प्रभात डबराल और अनिल शर्मा सूचना आयुक्त हैं.
राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त एनएस नपल्चयाल ने भी नए सूचना आयुक्त की नियुक्ति को गैर जरूरी बता दिया था. इस प्रकरण के बारे में अजय सेतिया ने भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में जो विवाद उठ खड़ा हुआ था, उस कारण उन्होंने खुद के नाम को वापस ले लेना उचित समझा. अजय ने बताया कि वे इन दिनों एक नए प्रोजेक्ट की तैयारी में हैं. जल्द ही अपनी नई शुरुआत के बारे में जानकारी देंगे.





