भारतीय भाषाई समाचारपत्र संगठन 'इलना' की 72वीं साधरण वार्षिक सभा आगरा में संपन्न हुई, जिसमें देशभर से आए 160 प्रकाशकों ने हिस्सा लिया व प्रकाशन में आ रही समस्याओं को उठाया. सभा में इलना के वर्तमान अध्यक्ष श्री परेश नाथ के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें पुनः सर्वसम्मति से निर्विघ्न अध्यक्ष चुना गया. अपने अध्यक्षीय भाषण में श्री परेश नाथ ने भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषाई समाचारपत्र ही देश के लोकतंत्र की जान हैं. इन भाषाओं के बगैर हमारे दूसरे कोई संवैधनिक या कानूनी अध्किार सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने प्रकाशन जगत के छोटे-बड़े या भाषाओं के अलग-अलग समूहों में बंटने पर चिंता प्रकट की और प्रकाशकों को आगाह किया कि प्रकाशकों के बीच फैलती दूरी प्रकाशनों के लिए खतरा है.
इलना अध्यक्ष श्री परेश नाथ ने छोटे समाचारपत्रों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि पाठकों के नजदीक होने के कारण ये समाचारपत्र साफगोई से अपनी बात कह पाते हैं. इलना अध्यक्ष ने गत वर्ष की गतिविधियों और उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साल 2012 में डीएवीपी ने छोटी-छोटी खामियों के चलते लगभग 2000 समाचारपत्रों का नवीनीकरण रद्द कर दिया था. इलना के विरोध करने पर इन का नवीनीकरण हो सका. इलना द्वारा प्रकाशकों की रेलवे व पोस्ट आफिस संबंधी समस्याओं के निराकरण की रिपोर्ट दी गई.
आफसेट प्लेटों पर आयात पर 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त आयात कर (एंटी डंपिंग ड्यूटी) लगाने पर इलना द्वारा किए जा रहे विरोध की सूचना दी गई. इलना सदस्यों ने आफसेट छपाई के महंगे होते जाने का विरोध किया. इस मुद्दे पर राज्यसभा सदस्य विवेक गुप्ता ने सभा को आश्वस्त किया कि वे संसद में इस मुद्दे को उठाएंगे. अध्यक्ष ने रेल विभाग पर भी सदस्यों को बताया कि देश में 7 हजार रेलवे स्टेशनों में से केवल 3 सौ पर ही बुक स्टाल हैं. इलना रेलवे स्टेशनों पर बुक स्टाल बढ़ाने का प्रयास कर रही है और यदि आवश्यकता पड़ी तो इलना स्वयं उन्हें चलाना चाहेगी ताकि लोगों को पाठ्य सामग्री आसानी से मिल सके और प्रकाशकों को पाठक.
इलना अध्यक्ष ने प्रैस एक्ट में होने वाले बदलाव से प्रकाशकों के सामने आने वाली कठिनाइयों और प्रकाशन के क्षेत्र में एपफडीआई पर भी इलना सदस्यों की राय समझी. उन्होंने छोटे समाचारपत्रों के प्रति सरकार के भेदभावपूर्ण रवैए से सदस्यों को अवगत करवाया. सभी सदस्यों ने इलना अध्यक्ष को इन मामलों पर सरकार के समक्ष इन मुद्दों को उठाने में अपना पूर्ण सहयोग देने की बात कही. इलना का विचार है कि विदेशी पूंजी वाले समाचारपत्रों को सस्ता न्यूज प्रिंट या रेल व डाक में कोई छूट न मिले.
इलना की इस 72वीं आम सभा में निर्वाचन अधिकारी विजय बौंद्रिया ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई. नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में विवेक गुप्ता (सांसद), प्रकाश पोहरे, एस. नगन्ना व रवि विश्नोई नियुक्त किए गए. महामंत्री के रूप में अशोक नवरत्न और अंकित विश्नोई चुने गए. संयुक्त सचिव के रूप में जी. अशोकन, विजय शर्मा, कुमार विजय और अकबर बेलगामकर को चुना गया. कोषाध्यक्ष के रूप में अरविंद डिसूजा को नियुक्त किया गया. अन्य कार्यकारिणी सदस्यों में गिरीश अग्रवाल, मो. हफीजउल्ला खान, अनंत नाथ, राजकुमार केला, शिव अग्रवाल, देवेंद्र सिंह तोमर की नियुक्ति की गई. कोआप्टेड सदस्यों में यशपाल, विपिन शर्मा, मो. इकबाल और बाला साहेब आंबेकर सम्मानित हुए.
राजशेखर कोटी को कर्नाटक राज्य इलना कमेटी का अध्यक्ष चुना गया और डाक्टर एवी प्रकाश को केरल राज्य इलना कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया. इसके अलावा टी. शिववुफमार को कर्नाटक राज्य इलना प्रमोशनल कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. ललित भारद्वाज को उत्तर प्रदेश राज्य कमेटी का, किरीट खमार को गुजरात राज्य कमेटी का, वुफमार विजय को दिल्ली राज्य कमेटी का व वृफष्ण नागपाल को महाराष्ट्र राज्य कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया.
इस अवसर पर इलना ने वरिष्ठ उपनिदेशक (सूचना) उत्तर प्रदेश सरकार के अशोक शर्मा को उनकी पुस्तक ‘आधुनिक पत्राकारिता : चुनौतियां और संभावनाएं’ के लिए सम्मानित किया. अशोक शर्मा ने कहा, ‘मुझे चार राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं किंतु परेश नाथ जी के हाथों मेरी पुस्तक का विमोचन होना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, क्योंकि श्री परेश नाथ ने ही मुझे तराश कर हीरा बनाया है.’ इलना के पूर्व दिवंगत कोषाध्यक्ष चंद्रकांत भावे की स्मृति में एक पुरस्कार इलना द्वारा प्रारंभ किया गया है, ''चंद्रकांत भावे वरिष्ठ प्रकाशक सम्मान पुरस्कार'''. यह पुरस्कार इस साल आगामी इलना कार्यक्रम में विजय बौंद्रिया को दिए जाने की घोषणा की गई.
प्रेस रिलीज