: नई दिल्ली : बसपा के खिलाफ दिनोंदिन बनता जा रहा है माहौल : यूपी में बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में भ्रष्टाचार का क्या आलम है, इसके बारे में आप समय समय पर सुनते जानते आए हैं. खुद मायावती दर्जनों लोगों को करप्शन में पाकर हटा, भगा, निकाल चुकी हैं, लेकिन यह सब वह तब कर रही हैं जब चुनाव सिर पर आ गया. एनएचआरएम घोटाले में सीबीआई जांच चल रही है और जल्द ही इसमें कुछ बड़े अफसर व नेता गिरफ्तार होने वाले हैं. ताजी सूचना बसपा के एक प्रत्याशी को लेकर है. यूपी के कुशीनगर जिले के फाजिलनगर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन के गोदाम से लाखों बोरे अनाज मिले हैं. इन अनाज का कोई रिकार्ड नहीं है.
जानकारी के मुताबिक बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन के गोदाम से बारह हजार गेहूं के बोरे, छत्तीस हजार चावल के बोरे, अट्ठाइस हजार धान के बोरे मिले हैं. दर्जनों हजार अन्न के अन्य बोरे भी मिलने की संभावना है. इन अनाज का कोई रिकार्ड नहीं है. कुछ लोगों का कहना है कि यह गरीबों के वितरण के लिए आया राशन था जिसे हड़प लिया गया. इस घटना के सामने आने से इस इलाके में बीएसपी की फजीहत शुरू हो चुकी है. फिलहाल यूपी में बसपा के खिलाफ करप्शन बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है. और आखिरी समय में मायावती जिस तरह फ्रस्ट्रेट होकर भ्रष्टाचारियों-दागियों पर कार्रवाई कर रही हैं उससे वह अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मार रही हैं. यूपी की जनता तक इसके जरिए यह संदेश जा रहा है कि साढ़े चार साल तक करप्शन किया और आखिर के कुछ महीनों में दाग धोने की कार्रवाई का नाटक हो रहा है.
उधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन जिन लोगों के खिलाफ मायावती ने एक्शन लिया है, वे सब चुपचाप बसपा को हराने के अभियान में जुट गए हैं. इस तरह कई दर्जन सीटों पर बसपा की हार इसलिए होने जा रही है क्योंकि वहां के जीते लोगों को भ्रष्टाचार के आरोप में सरकार व पार्टी से निकाल दिया गया. ये निकाले गए लोग अपने नेटवर्क व समर्थकों के बल पर बसपा प्रत्याशी को हराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे.
बसपा से निकाले गए लोगों को विरोधी पार्टियों यही टारगेट भी दे रही हैं कि वे अगर अपने अपने इलाके में बसपा प्रत्याशियों को हरवा सकें तो चुनाव बाद उन्हें मदद दी जा सकती है. कुल मिलाकर यूपी का चुनाव दिनोंदिन बसपा के खिलाफ होता जा रहा है. माना जा रहा है कि सीबीआई ने अगर एनएचआरएम घोटाले में एक बड़े अफसर को गिरफ्तार कर लिया तो वह बसपा के कई बड़े लोगों का राजफाश कर सकता है. उससे ऐन चुनाव के बीच बसपा की बहुत बड़ी फजीहत हो जाएगी.
लखनऊ से लौटकर यशवंत सिंह की रिपोर्ट





