दैनिक भास्कर इंदौर में तीखी रिपोर्टिंग संत आसाराम बापू के खिलाफ की जा रही है. उसी अखबार के चीफ रिपोर्टर प्रशांत कालीधर पूरी तरह से आसाराम के बचाव में खड़े हो गए. प्रशांत कालीधर संघ परिवार के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. भाजपा विचारधारा से उनका प्रेम किसी से छिपा नहीं है. पार्टी के इशारे पर कई दफा भास्कर में बीजेपी नेताओं के खिलाफ खबरों को ऐन केन प्रकार से डायल्यूट किया जा चुका है. ताजा मामले के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला के बापू के पक्ष में आने के बाद प्रशांत कालीधर भी भास्कर के स्टैंड के खिलाफ जाते हुए पूरी मीडिया के खिलाफ ही खड़े हो गए है.
हद तो तब हो गई जब भास्कर ने इन चीफ रिपोर्टर महाशय को हजारों रुपए खर्च कर भेजा तो था बापू की गिरफ्तारी की लाइव रिपोर्टिंग करने लेकिन मौका पाकर कालीधर आसाराम के पक्ष में ही मीडियावालों से भिड़ लिए. रविवार सुबह एयर इंडिया की जिस फ्लाइट से इंदौर से दिल्ली जोधपुर पुलिस आसाराम को लेकर जा रही थी उसमें भास्कर ने अपने सिटी चीफ का भी टिकट बुक करा दिया था. बताते हैं कि फ्लाइट में भी बीजेपी के कुछ नेताओं का इशारा पाकर कालीधर का आसाराम बापू प्रेम जाग गया. अचानक प्रशांत कालीधर लाइव रिपोर्टिंग छोड़कर पूरी तरह से बापू के प्रवक्ता और अनुयायी बनकर खड़े हो गए. इतना ही नहीं साथ में जा रहे सहारा समय, एनडीटीवी, एएनआई, एबीपी न्यूज की टीम को बापू के पक्ष में रास्ते भर ऑफ कैमरा सफाई देते रहे.

फ्लाइट लैंड होते ही फ्लाइट के अंदर से ही इन चीफ रिपोर्टर महोदय ने बापू का अनुयायी बनकर खुले रूप से एएनआई और स्टार न्यूज के लाइव प्रोग्राम में रिपोर्टर उमेश कुमावत से पहले तो ऑफ कैमरा बहस की उसके बाद बाइट देकर आसाराम का संदेश दिया कि उनके खिलाफ षडय़ंत्र किया जा रहा है जिसकी सच्चाई जल्दी ही पूरी दुनिया के सामने आ जाएगी. रविवार दिन भर भास्कर के प्रशांत कालीधर का बापू के प्रवक्ता रूपी यह बयान तमाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैनलों पर चलता रहा. अब सवाल यह उठता है कि भले ही प्रशांत कालीधर संघी हों लेकिन क्या उन्हें यह शोभा देता है कि जिस संस्थान ने अपने खर्चे पर रिपोर्टिंग करने भेजा हो वह काम छोड़ वह न तो खुद निष्पक्ष रिपोर्टिंग करें साथ ही दूसरी मीडिया वालों को भी बरगलाता रहे.

फ्लाइट के इस घटनाक्रम के बाद साथ जा रही अन्य राष्ट्रीय मीडिया की टीमों को जब यह पता चला कि प्रशांत कालीधर दैनिक भास्कर ग्रुप से रिपोर्टर के बहाने आसाराम का मीडिया प्रवक्ता बनकर बाइट दे रहे है तो भास्कर की खिल्ली उड़ाते हुए सभी ने एक एक कर तुरंत उनसे दूरी बना ली. हालांकि तब तक फ्लाइट में जा रहे करीब 200 लोगों को भास्कर ग्रुप के इस पत्रकार की हकीकत और करतूत पता चल चुकी थी. हम आपको बता दे कि यह भास्कर ग्रुप में घोर अनुशासनहीनता और कोड ऑफ कंडक्ट के खिलाफ है कि आप ग्रुप की आड़ में ग्रुप के खर्चे पर अपने निजी हित साध रहे हों. कंपनी के खर्चे पर जाकर बिना अनुमति राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैनलों पर आसाराम से समर्थन में बयानबाजी कर रहें हो.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.