हिन्दुस्तान आगरा के संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा के रवैये से परेशान लोग हिन्दुस्तान छोड़ते जा रहे हैं। बीते चार माह में यह हिन्दुस्तान आगरा का सातवां विकेट गिरा है। नया नाम सीनियर सब एडीटर अखिलेश तिवारी का है। अखिलेश तिवारी ने आलोक मेहता के संपादकत्व में निकल रही गवर्नेंस नाउ पत्रिका में बतौर उ.प्र. उत्तराखंड स्टेट ब्यूरो चीफ के पद पर ज्वाइन किया है हैं। अखिलेश हिन्दुस्तान आगरा की लॉचिंग के समय से ही थे। बिल्डर्स के खिलाफ चले अभियान में अखिलेश की मेहनत पर कई वरिष्ठों ने हाथ साफ किए। संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा ने उनसे इस बार प्रमोशन का वादा किया था लेकिन बाद में वह अपनी बात से मुकर गए और उन पर दूसरे पक्ष का होने का आरोप मढ़ दिया।
अखिलेश तिवारी को नीचा दिखाने के लिए संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा ने दैनिक जागरण से लाए अपने खास राहुल गुप्ता को उन्हें बिना बताए रेलवे और मेडीकल बीट थमा दीं। अखिलेश जब बीट पर गए तब उन्हें इस फैसले की जानकारी हुई तभी उन्होंने संस्थान को गुडबाय करने का फैसला कर लिया था। अखिलेश के नोटिस देते ही अपनी किरकिरी होते देख संपादक ने उन्हें कई तरह के प्रलोभन दिए, एक सप्ताह में असर दिखने की बात कही और तो और आनन-फानन में उनका ट्रांसफर लखऩऊ करा दिया गया ताकि इस्तीफे की आंच संपादक पर न आए। लेकिन इस माहौल को छोड़ने का मन बना चुके अखिलेश ने संस्थान को इस्तीफा थमा ही दिया। खबर तो यह भी है कि संपादक के रवैये से परेशान कई और लोगों ने हिन्दुस्तान छोड़ने का फैसला कर लिया है। जिसमें डेस्क से संपादक के ही एक खास और रिपोर्टिंग टीम के एक प्रमुख संवाददाता का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।






