पहले यह ग्रुप कांग्रेसी नेता मतंग सिंह का चैनल हुआ करता था, अब कांग्रेसी नेता जिंदल का चैनल हो गया है. लेकिन इंप्लाइज की सेहत पर इसका कोई असर नहीं क्योंकि जैसा मतंग सिंह था वैसा ही जिंदल भी निकला. खबर है कि पाजिटिव मीडिया ग्रुप के कई चैनलों में कार्यरत दर्जनों मीडियाकर्मियों से जबरन इस्तीफा लिखवा लिया गया है. इनमें से कई लोग ऐसे थे जो चैनल में कई वर्षों से कार्यरत थे.
जिंदल के हाथ में चैनल जाने के बाद इस वक्त दौर जी न्यूज के पूर्व या वर्तमान लोगों को इस ग्रुप से जोड़ने का है क्योंकि जिंदल का पूरा इरादा जी ग्रुप को सबक सिखाने का है इसलिए जी से संबद्ध लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. दुर्भाग्य की बात ये है कि जितने भी लोगों को निकाला गया है उनमें से किसी ने भी कोई आवाज नहीं उठाई. सबने चुपचाप रिजीगनेशन लेटर पर साइन करना ही उचित समझा.
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