संपादक, भड़ास4मीडिया, श्रीमानजी, समाचार पत्र समूह दैनिक भास्कर के बठिंडा यूनिट द्वारा छह माह पहले पति-पत्नी को भाई बहन दिखा कर प्रकाशित करने की भूल चाहे सुधारी हो या नहीं, अब एक बार फिर इस यूनिट में मची अफरातफरी का असर इसी यूनिट के एक स्थानीय पुलआऊट में देखने को मिला। अब यह गल्ती पत्रकार की है या डेस्क पर बैठने वाले महोदय की अथवा उनका नेतृत्व करने वाले डिप्टी सम्पादकों अथवा सम्पादक की लेकिन एक ही फोटो को विभिन्न दिनों पर दो समाचारों के साथ प्रकाशित करने के चलते प्रतिद्वंदियों में भास्कर परिहास का विषय बना हुआ है।
बठिंडा यूनिट के अधीनस्थ छप रहे फिरोजपुर पुलआऊट में 26 अगस्त को मादक पदार्थों की बरामदगी का पुलिस प्रैस नोट प्रकाशित हुआ जिसमें जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारियों को जानकारी देते दिखाया गया है। बड़ी हैरानी की बात है कि ठीक चार दिन बाद 30 अगस्त को इसी पुलआऊट में स्वास्थ्य विभाग के मैडीकल स्टोरों पर छापेमारी के समाचार के साथ भी हूबहू वही फोटो प्रकाशित कर दी गई। बानगी के तौर पर अगर यह मान लिया जाए दोनों समाचार भेजने वाले पत्रकार महोदय ने यह गल्ती की है तो क्या बठिंडा यूनिट देख रहे उस महोदय के प्रभारियों ने अपनी जिम्मेवारी नहीं निभाई?
गल्ती से फोटो प्रकाशित हो गई तो इसके लिए भूल सुधार भी हो सकता है लेकिन ऐसा अभी तक देखने को नहीं मिला। बाकी पिछले एक वर्ष से दैनिक भास्कर के बठिंडा यूनिट में उठापटक का जो तूफान चल रहा है वह शायद निकट भविष्य में शांत होने वाला नजर नहीं आता, और इस तूफान में कितने तिनके कर्मचारी उड़ेंगे यह अभी समय के गर्भ में है।