जोधपुर : नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद कथावाचक आसाराम के मामले की मीडिया द्वारा की जा रही कवरेज तथा जांच एजेसी द्वारा अनुसंधान के दौरान महत्वपूर्ण जानकारियां बाहर आने पर आपत्ति उठाते हुये स्थानीय अदालत मे एक अर्जी पेश की गई। जिला एवं सत्र न्यान्यालय (जोधपुर ग्रामीण) के न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास के समक्ष आसाराम के अधिवक्ता मनेन्द्र सिंह एवं प्रदीप चौधरी द्वारा पेश अर्जी मे कहा गया है कि इस मामले से संबंधित मीडिया द्वारा की जा रही कवरेज अधिकृत तथ्यों पर आधारित नहीं होती है तथा आसाराम के व्यक्तिगत जीवन के बारे में समाचारों का प्रकाशन और प्रसारण किया जा रहा हैं जिससे उनकी साख को काफी धक्का लगा है।
आसाराम की ओर से उनके वकीलों ने इस मामले की जांच कर रही एजेंसी द्वारा अनुसंधान के दौरान मिले सबूत एवं जानकारियां अनधिकृत लोगों से साझा करने पर भी आपत्ति जताई है। न्यायालय से तथ्यहीन समाचारों को नियंत्रित करने तथा इस मामले से संबंधित सबूत एवं जानकारियो को जांच के दौरान बाहर आने से रोकने की गुहार की गई। आसाराम ने वकीलों ने मीडिया रिपोर्टिंग पर पाबंदी लगाने की मांग की। आसाराम के अधिवक्ता प्रदीप चौधरी ने जिला एवं सत्र अदालत में दायर याचिका में दावा किया कि मीडिया में आई खबरें आपत्तिजनक और आसाराम की छवि खराब करने वाली हैं। चौधरी ने कहा कि जांच एजेंसी को इस मामले के संबंध में मीडिया को कोई सूचना देने, लीक करने या साझा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये अप्रमाणित सूचनाएं न केवल उनके मुवक्किल की छवि खराब कर रही हैं बल्कि एकतरफा तस्वीर पेश कर रही हैं और निष्पक्ष जांच में बाधा डाल रही हैं। उन्होंने अदालत से इस मामले तथा उनके मुवक्किल के हित में जो ठीक हो, वैसा आदेश जारी करने का अनुरोध किया। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की।