कोलकाता के दिलीप गिरी महुआ में हुआ करते थे. महुआ प्रबंधन ने आर्थिक बदहाली के बहाने पिछले साल इसी सितम्बर में कई पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. सैकड़ों पत्रकार बेरोजगार हुए. उनमें कुछ लोगों को रोजगार मिला और बहुत से लोग आज भी बेरोजगार हैं. ऐसे में इस बुरे वक्त का सामना कोलकाता के ब्यूरो चीफ रहे दिलीप गिरी को भी करना पड़ा था.
मुसीबतों से डटकर मुकाबला करते हुए दिलीप ने अपने साहस और जज़्बे को पूंजी बनाकर ''माँ लक्ष्मी फिल्म्स'' नामक एक फिल्म

निर्माण कंपनी की स्थापना की. शुरुआती दिनों में लोगों ने काफी हतोत्साहित किया तो कुछ पत्रकार साथियों ने किसी और मीडिया कंपनी का दामन पकड़ने की सलाह दी. लेकिन दिलीप को जो झटका लगा था, उससे उनके जेहन में एक बात तो साफ़ हो गई की दूसरे की कंपनी के लिए खून पसीना बहाने के बाद उसी से बेआबरू होकर सड़क पर आने से बेहतर है कि खुद का कुछ प्रयास कर औरों के लिए रोजगार का सृज़न करें. सो अपनी कंपनी की नींव रखी और अपना प्रयास शुरू कर दिया.
मेहनत रंग लाई. फिल्म निर्माण की राह पर दिलीप चल निकले. इनकी कंपनी 'बीडीओ साहेब' नाम से भोजपुरी फिल्म का निर्माण कर रही है. सत्तर प्रतिशत शूटिंग पूरी हो गई है. फिल्म में भोजपुरी के नायक कुणाल सिंह, मुख्य नायिका कल्पना साह सहित और कई बड़े कलाकार काम कर रहे हैं. पत्रकार से फिल्म निर्माता बने दिलीप गिरी ने कहा कि इस फिल्म की सबसे बड़ी खाशियत यह है कि पूरे फिल्म की शूटिंग भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में ही किया जा रहा है ताकि भोजपुरी सांस्कृतिक झलक देखने को मिले. साथ ही फिल्म में अश्लीलता की कोई जगह नहीं है. एक साफ सुथरी परिवार के साथ देखने लायक बनने वाली इस फिल्म में गाने में भी दिअर्थी शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है. फिल्म में कुल नौ गाने हैं जिसे गाया है कुमार शानू, अनुराधा पोडवाल, साधना सरगम, इंदु सोनाली, आलोक कुमार, मोहम्मद अज़ीज़ और ममता राउत ने.
बीडीओ साहब की निर्माण प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब लोग सिनमा हाल में इस फिल्म का लुत्फ उठा रहे होंगे उस वक़्त दिलीप अपने अगले प्रोजेक्ट संथाली फिल्म के निर्माण में जुट जायेंगे. दिलीप के मुताबिक ये अपने आप में एक नया प्रयोग होगा जिसको देख कर हर कोई सराहे बिना नहीं रह पायेगा. दिलीप गिरी बेरोजगार हुए पत्रकारों का दर्द बखूबी समझते हैं क्योंकि कभी वो खुद बेरोजगार पत्रकार रह चुके हैं. इसलिए उन्होंने तय किया है कि फिल्म बीडीओ साहेब की कमाई का १० फीसदी हिस्सा वो जरूरतमंद पत्रकारों के लिए खर्च करेंगे, जिसके लिए वो बाकायदा एक कोष भी बनायेंगे.
कोलकाता से आर. नवीन की रिपोर्ट.