Sanjay Sharma : मुजफ्फरनगर नगर में दस दिन से तनाव चल रहा था और आज हिंसा में 6 लोगों की मौत हो गई जिसमें आईबीएन7 के पत्रकार साथी राजेश वर्मा भी शामिल हैं. दो महीने के भीतर यह पांचवें पत्रकार की हत्या है. दस दिन तक तनाव होने के बाबजूद अगर पुलिस के अफसर हालत नहीं सम्हाल पाए तो फिर उनकी जरूरत ही क्या है? अगर कानून व्यवस्था का यह हाल है तो इस प्रदेश का भगवान ही मालिक है.
नाकारा हो गई है यूपी पुलिस ..अफसरों को आपसी लड़ाई से ही फुर्सत नहीं… सिर्फ पैसा कमाने के तरीके खोजना ही सबसे जरूरी काम हो गया है.. मुझे याद नहीं आ रहा पिछली सरकार के पांच सालों में इस तरह के दंगो में कहीं भी 6 लोग गोली से मरे हों… अगर किसी समाजवादी भाई को याद आ रहा हो तो बता जरूर दे.. बहुत उम्मीद थी अखिलेश यादव से.. सब चौपट कर दिया इन नाकारा अफसरों ने.. भाई राजेश को विनम्र श्रदांजलि और ईश्वर से प्रार्थना कि इस प्रदेश पर अपनी मेहरबानी बनाये रखे…
लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा के फेसबुक वॉल से.





