Chandan Srivastava : आखिरकार आईबीएन-7 ने अपने "स्ट्रिंगर" राजेश वर्मा को अपना "स्ट्रिंगर" मानते हुए खबर तो चला दी. सवाल है कि खबर मे राजेश को "संवाददाता" ना कहकर "स्ट्रिंगर" कहने की चैनल की मंशा क्या है? बिल्कुल राजेश चैनल के "स्ट्रिंगर" ही थे लेकिन जिस शब्द का मतलब आम व्यक्ति को पता ही ना हो उसी शब्द का यूज आखिर चैनल क्यों कर रहा है? "संवाददाता" कहने मे चैनल को क्या तकलीफ है? राजेश ने चैनल के लिए कवरेज करते हुए जान दी, हम जानना चाहते हैं कि चैनल राजेश के परिवार को क्या आर्थिक सहयोग करने जा रहा है?
ठीक है, आईबीएन-7 का मैनेजमेंट राजेश के परिवार को आर्थिक सहयोग देने के फैसले पर विचार-विमर्श कर ले, हम इंतजार कर रहे हैं. Yashwant भाई हम जैसों की आवाज तो नक्कारखाने मे तूती की आवाज की तरह गुम हो जाएगी. इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप इस मांग को अपनी आवाज भी दें.
पत्रकार चंदन श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.





