Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

लखनऊ

अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र

उत्तर प्रदेश एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है|  इस भेद- भाव की दीवार ने इस बार पश्चमी उत्तर प्रदेश को चुना है| ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है की आखिर बार बार क्यों उत्तर प्रदेश में ही ये हिंसा हो रही है जबकि अखिलेश सरकार बार बार इससे निपटने में विफल है| अखिलेश जी चुनाव जितने के बाद जब आपकी ताजपोशी मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी तो सूबे की जनता को आपसे बहुत उम्मीद थी| आपकी सरकार पहली बार पुरे बहुमत से सत्ता में आई थी| 

उत्तर प्रदेश एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है|  इस भेद- भाव की दीवार ने इस बार पश्चमी उत्तर प्रदेश को चुना है| ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है की आखिर बार बार क्यों उत्तर प्रदेश में ही ये हिंसा हो रही है जबकि अखिलेश सरकार बार बार इससे निपटने में विफल है| अखिलेश जी चुनाव जितने के बाद जब आपकी ताजपोशी मुख्यमंत्री के रूप में हुई थी तो सूबे की जनता को आपसे बहुत उम्मीद थी| आपकी सरकार पहली बार पुरे बहुमत से सत्ता में आई थी| 

लोग बसपा सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ गए थे| विकल्प के तौर पर आप जनता का भरोषा जितने में कामयाब रहे| आप युवा हैं युवाओं को खासकर आपसे बहुत उम्मीद थी| पर अफ़सोस की जिस दिन चुनाव के रिजल्ट( परिदाम) घोषित हुए उसी रात आपके कार्यकर्ताओं ने हिंसा और उत्पात मचाना शुरू कर दिया| पत्रकारों को बंधक बना लिया गया| फिर आपकी पार्टी को दिए हुए वोटों पर जनता को तुरंत एक बार फिर अपनी गलती का एहसास हो गया| आप खुश थे क्युकी आपके पास अब पांच साल का मौका था| अब कोई कुछ नही करता आपका| पर याद रहे अखिलेश जी जिन्दा कौमे पांच साल तक इंतज़ार नही करती| आप अपने पिताजी की मानसिकता से अलग हटकर काम किये| आपने आधुनिकता को सही भांपा और छात्रों को लैपटॉप और टेबलेट दिए|

लेकिन जब सारे धर्म और संप्रदाय को साथ लेकर चलने की बात आई तो आप विफल हो गए| आप पर जिआउल हक के मर्डर केस में रजा भैया को बचाने का आरोप लगा| आपने उनकी पत्नी और घर के सदस्यों को मुआवजे के साथ नौकरी दी| लेकिन इलहाबाद में एक हिन्दू पुलिस अधिकारी मारे गए तो आपका कोई भी नुमाइंदा वहां सुध लेने तक नही गया मुआवजे और नौकरी की बात ही छोडिये| विवादों से आपका नाता जुड़ गया| इस बिच कई सारे आरोप आप पर और पार्टी पर लगते रहे| जब सरहद पर सैनिक अपनी जान गवां कर देश की रक्षा में लगे थे तो आपके पिताजी इटावा में नर्तकियों के नाच देखने में मशगुल थे| एक विशेष समुदाय को खुश रखने के लिए आपने एक ईमानदार अधिकारी दुर्गा नागपाल को निलंबित कर दिया| जिसकी वजह से एक बार फिर पुर देश में आपकी भद पिट गयी|  

चौरासी कोशी परिक्रमा को रोककर आप एक बार फिर अपने रानीतिक मनसूबे में कामयाब हो गए| लेकिन आप ये सांप्रदायिक हिंसा रोकने में क्यों गलत साबित हो जा रहे हैं| बार-बार हो रहे इस हिंसा ने आप पर कई सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं| आपके चाचा कहते हैं हम उत्तर प्रदेश को गुजरात नही बनने देंगे| अफ़सोस आपने इसे उत्तर प्रदेश भी नही छोड़ा| आप एक राज्य नही चला सकते फिर देश चलने का सपना क्यों पाल बैठे हैं| अखिलेश जी कृपा करके ये घ्रिडा की राजनीति बंद करिए और राजधर्म निभाते हुए उत्तर प्रदेश को सांप्रदायिक हिंसा का राज्य कहने से बचा लीजिये वरना द्वेष के इस आग में ये देश जल जाएगा|

नितेश कुमार त्रिपाठी

Nitesh kumar Tripathi

[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...