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गोरखपुर में जनसंदेश टाइम्‍स की तैयारी : जागरण पर पड़ सकती है भारी

दैनिक जागरण, गोरखपुर में हलचल मची हुई है. शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के तेवर से जागरण प्रबंधन सकते में है. जागरण प्रबंधन अपने दो दिग्‍गजों को जिस सोच के लिए एक जगह किया था, उसका असर तो दिखने लगा है, पर इससे जागरण गोरखपुर के भी लहूलुहान होने की स्थिति बनती दिख रही है. कहा जा रहा है कि शैलेंद्र मणि जागरण को बहुत तेज झटका देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. कयास लगाया जा रहा है कि गोरखपुर से जुड़े जिलों में तो उन्‍होंने जागरण को पटखनी देने की पूरी तैयारी कर ली है.

दैनिक जागरण, गोरखपुर में हलचल मची हुई है. शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के तेवर से जागरण प्रबंधन सकते में है. जागरण प्रबंधन अपने दो दिग्‍गजों को जिस सोच के लिए एक जगह किया था, उसका असर तो दिखने लगा है, पर इससे जागरण गोरखपुर के भी लहूलुहान होने की स्थिति बनती दिख रही है. कहा जा रहा है कि शैलेंद्र मणि जागरण को बहुत तेज झटका देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. कयास लगाया जा रहा है कि गोरखपुर से जुड़े जिलों में तो उन्‍होंने जागरण को पटखनी देने की पूरी तैयारी कर ली है.

चंद्रकांत त्रिपाठी यानी सीकेटी के गोरखपुर आने के समय ही कहा जा रहा था कि जागरण ने एक कांटा से दूसरा कांटा निकालने की रणनीति अपनाई है. सीकेटी का आना ही शैलेंद्र मणि त्रिपाठी यानी एसएमटी के लिए बड़ा झटका था. गोरखपुर में उनके एकछत्र राज पर इसे हमला माना जा रहा था. जागरण प्रबंधन की सोच के हिसाब से अब एक कांटा निकलने की स्थिति में तो पहुंच गया है पर इससे दैनिक जागरण के पंखों को भी नुकसान पहुंचने की पूरी संभावना बन गई है. गोरखपुर में दैनिक जागरण को खड़ा करने वाले एसएमटी अब इसकी जड़ में ही मट्ठा डालने पर उतारू हो गए हैं. तबादला के आदेश के बाद तो उन्‍होंने अपने इस अभियान को और ज्‍यादा तेज कर दिया है.

खबर है कि आज शैलेंद्र मणि आज दैनिक जागरण्‍ा कार्यालय पहुंचे थे, परन्‍तु बदलाव यह देखने को मिला कि वो जागरण की गाड़ी की बजाय एक सफेद कलर की एकदम नई और चमचमाती महंगी कार से वहां पहुंचे थे. चर्चा है कि उनको यह गाड़ी जनसंदेश टाइम्‍स के प्रबंधन ने दिया है. शैलेंद्र मणि अपने केबिन में कई कामों को निपटाने में भी व्‍यस्‍त रहे. समझा जा रहा है कि वो एक जनवरी से पहले ही अपना इस्‍तीफा दे देंगे. प्रबंधन ने उन्‍हें एक जनवरी तक कानपुर में ज्‍वाइन करने का फरमान जारी किया है. खबर है कि कल यानी बुधवार को जनसंदेश टाइम्‍स की एचआर हेड ने कई लोगों का इंटरव्‍यू लिया है और जल्‍द ही सभी के नाम फाइनल कर दिए जाएंगे. 

जिन लोगों के इं‍टरव्‍यू हुए हैं उनमें ज्‍यादातर दैनिक जागरण से जुड़े हुए लोग ही हैं. सूत्र बता रहे हैं कि जिन लोगों ने इंटरव्‍यू दिया है उनको जागरण से पांच से दस हजार रुपये अधिक एवं एक से दो पद के प्रोन्‍नति का आश्‍वासन भी दिया गया है. इसमें एडिटोरियल से लेकर मार्केटिंग और सर्कुलेशन के लोग भी शामिल हैं. हालांकि इंटरव्‍यू देने वाले लोग भी फूंक-फूंक के कदम रख रहे हैं. पहले तो जनसंदेश टाइम्‍स का पूरा प्रोफाइल पता कर रहे हैं और दूसरे अपनी सेलरी का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि इन लोगों को कहा गया है कि जल्‍द ही एप्‍वाइंटमेंट लेटर इन लोगों को मिल जाएगा. खबर है कि पिछले साल जागरण से रिटायर हुए सात से आठ लोगों को भी अखबार से जोड़ा जा रहा है, इसमें एडिटोरियल, सर्कुलेशन एवं अन्‍य विभागों के लोग भी शामिल हैं.

खबर है कि शैलेंद्र मणि ने जागरण के जिला कार्यालयों का कमर तोड़ने की स्थिति में पहुंच गए हैं. चर्चा है कि कुशीनगर का पूरा जागरण स्‍टाफ जनसंदेश टाइम्‍स से जुड़ने को तैयार है. इसी तरह देवरिया, महाराजगंज, बस्‍ती, सिद्धार्थनगर से भी काफी संख्‍या में पत्रकारों के जनसंदेश में लाने की तैयारी हो चुकी है. एक तरह से जिलों में जागरण का स्‍ट्रक्‍चर पूरी तरह ढहाने की तैयारी हो गई है. बसारतपुर में अखबार के आफिस को भी अंतिम रूप दिए जाने की सूचना है. बताया जा रहा है कि गोरखपुर और बनारस दोनों जगहों से जनसंदेश टाइम्‍स एक साथ पंद्रह जनवरी को लांच किया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि जनसंदेश टाइम्‍स यूपी-उत्‍तराखंड में बारह जगह से प्रकाशन करने की तैयारी कर रहा है.

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