हिसार : आज दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूज चैनल भारत में है और हर वर्ष इनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे मनोरजन व मीडिया उद्योग की भावी क्षमता का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। यह बात पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के मास कम्यूनिकेशन विभाग के प्रोफेसर डॉ. एनएस जौहल ने जीजेयू के संचार, प्रबंधन एवं तकनीकी विभाग में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी के दौरान कही। वे विभाग में आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी मीडिया के बदलते आयाम विषय पर बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। संगोष्ठी की अध्यक्षता मीडिया अध्ययन संकाय के डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज दयाल ने की।
उन्होंने कहा कि विश्व आज जिस संक्रमण के दौर से गुजर रहा है उससे कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है और मीडिया तो इसका अपवाद हो ही नही सकता। उसी कारण मीडिया व मनोरजन के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया जैसे-जैसे पाठक जागरूक होगा वैसे-वैसे पूंजीवादी शक्तिया स्वयं ही ध्वस्त हो जाएंगी, क्योंकि वर्तमान में सामाजिक व राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए मीडिया की समाज में अहम भूमिका है।
मुख्य वक्ता प्रो. जौहल ने बताया कि वर्तमान समय में पत्रकारिता में नैतिक मूल्यों का समावेश होना बेहद जरूरी है। देश में टीवी चैनल्स से लेकर समाचार पत्र तेज गति से विकास कर रहे है। आज देश में लगभग 800 टीवी चैनल के लाइसेंस जारी हो चुके है जो कि विश्वभर में एक रिकार्ड है। एसोसिएट डा. विक्रम कौशिक ने मीडिया के आधुनिक ट्रेंडस पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया आज न केवल युवाओं में अपितु हर वर्ग के लोगों में लोकप्रिय हो रहा है। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक मिहिर रजन पात्रा, डॉ. सुशील कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, बलजिन्द्र कौर, कोमल रानी, ज्योति आदि मौजूद रहे। (दैनिक जागरण)





