सेवा में, श्रीमान इनपुट एडिटर, जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड, महोदय, सविनय निवेदन के साथ अवगत कराते हुए बताना चाहता हूं कि मैं पिछले चार वर्षों से चैनल की सेवा कर रहा हूँ। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में हमेशा चैनल को आगे रक्खा हूँ। वाराणसी का बम ब्लास्ट रहा हो, सोयेपुर जहरीली शराब कांड, लिकर किंग पूर्व सांसद की जवाहर जायसवाल की गिरफ़्तारी, विधायक अजय राय के गुर्गों द्वारा बीज व्यापारी को जलाने का मामला, सेना की तोप लादे ट्रक से वसूली के मामले के बाद बवाल, ऐसे न जाने कितनी और खबरें। मेरे द्वारा भेजी गई खबरें स्पेशल ही नहीं बल्कि ब्रेकिंग और पूरे दीन की हेडलाइन रही है।
13 महीने के बनवास के बाद जब पुनः आया तो उसके बाद भी ब्रिजेश सिंह के भतीजे सतीश सिंह हत्याकांड से लेकर कावारिया बवाल तक की कवरेज करते हुए चैनल को आगे रक्खा। कावारिया बवाल में खुद छुट्टी पर था तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट में काम के बाद ट्रेन से लौट रहा था तो रास्ते में जानकारी हुई कि कछवा में बवाल हो गया है। मैं ट्रेन छोड़कर 7-8 किलोमीटर पैदल चलकर घटना स्थल पर पहुंचा और अपने कैमरा मैन को बुलाया तथा कुछ बवाल के शाट्स अपने मोबाइल से बनाया। तब तक मेरा कैमरामैन भी पहुंच गया और हमने शाट्स बनाये। ओवी बैन से विजुवल ब्रेक कराया। इसका परिणाम रहा कि जी न्यूज चैनल ने किसी अन्य चैनल से 2 घंटे पहले विजुवल ब्रेक किया। उसी दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज किया और मैं अकेले कवरेज कर रहा था। काफी शाट्स बना लिए थे लेकिन उसी दौरान पुलिस के अधिकारियों की नजर मुझ पर पड़ी जिसका परिणाम रहा कि अधिकारियों ने मुझे पीटकर कैमरा छीन लिया। मैंने एसाइनमेंट डेस्क पर फ़ोन करके बताया लेकिन दुर्भाग्य ये कि चैनल के किसी भी व्यक्ति का एक सहानुभूति काल भी नहीं आई।
विगत 16 तारीख को मेरी खबरें रोक दी गई। जब मैंने पता किया तो मुझे जानकारी हुई कि डेन नेटवर्क के एमएसओ धर्मेन्द सिंह "दीनू" की शिकायत पर रोका गया है। पुनः दिनांक 31.08.2013 को खबरें शुरू की गई। खबर के शुरू करने के बाद ही डेन नेटवर्क ने चैनल का प्रसारण बंद कर दिया गया। इस सम्बन्ध में मैं बताना चाहता हूं कि ये एक अपराधी है और इनके तीनों भाइयों पर गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर के साथ मिर्जापुर, जौनपुर, चंदौली वाराणसी में मुकदमे दर्ज हैं। इनके तीनों भाइयों ने मेरे मामा की NH 2 पर करोड़ों की कीमती जमीन फर्जी रजिस्ट्री करा ली थी जिसके सम्बन्ध में मेरे ममेरे भाई ने FIR कराया था।
पुलिस ने विवेचना के बाद चार्ज शीट न्यायालय में दाखिल किया है जिसमें ट्रायल शुरू होने वाला है। ये लोग उस मुकदमे में सुलह समझौते के लिए दबाव बना रहे थे। पैसे से लेकर धमकी तक दी थी। जब मैं नहीं माना तो इन लोगों ने चैनल बंद कर दिया है और मुझे हटाने के लिए चैनल पर दबाव बना रहे हैं। इस स्थित में चैनल के हर निर्णय मुझे सहर्ष स्वीकार होगा। लेकिन सबसे बड़ा दुखद ये रहा कि आज जब मैं ऑफिस गया तो ब्यूरो इंचार्ज अमित सिंह ने कहा कि ''राम सुंदर जी, दीनू आपको हटाने के लिए बार-बार मुझे धमकी दे रहा है, मुझे डर लग रहा है, जब तक चैनल दीनू से समझौता नहीं कर लेता, तब तक आप अपनी खबरें बाहर से ही भेज दिया करिये।'' मैं सुनकर अवाक् रह गया। मुझे बेहद आत्मग्लानि हुई कि जिस अपराधी की हिम्मत नहीं होती है हमसे बात करे, उससे हमारे ब्यूरो को डर लगता है।
ऐसी स्थिति में तो चैनल में काम करना बेहद कठिन है। अगर चैनल को मेरी वजह से व्यावसायिक नुकसान हो रहा है तथा वाराणसी ब्यूरो में गुंडों के आतंक से प्रभावित हो रहा है तो इसे मेरा स्पष्टीकरण नहीं त्यागपत्र समझा जाय, और स्वीकृति का एक मेल ही सही दे दिया जाय ताकि चैनल स्वस्थ्य वातारण में वाराणसी में काम कर सके।
राम सुन्दर मिश्र
स्ट्रिंगर
वाराणसी
जी न्यूज (यूपी-उत्तराखंड)





