जोधपुर से खबर है कि जेल में बंद आसाराम बापू ने मेडिकल टेस्ट के लिए खून देने से इनकार कर दिया. ब्लड सैंपल लेते समय आसाराम बहुत घबराए हुए थे. उन्हें इंजेक्शन लगाकर नारको टेस्ट किए जाने का डर सता रहा था. सोमवार को जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में आसाराम की करीब डेढ़ घंटे तक मेडिकल जांच की गई. डॉक्टरों ने टेस्ट के लिए उनका ब्लड सैंपल लेना चाहा, तो वह आनाकानी करने लगे. कभी वह डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़ते तो कभी उन्हें दुलारने लगते. वह कहने लगे कि मुझ पर जुल्म किया जा रहा है.
इंजेक्शन देखकर तो वह और घबरा गए. उन्होंने कहा कि पुलिस के कहने पर मुझे गलत इंजेक्शन लगाया जा सकता है. आसाराम को यह डर भी सता रहा था कि उनका नारको टेस्ट किया जा सकता है. उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि कहीं इंजेक्शन लगाकर मेरा नारको टेस्ट तो नहीं कराया जा रहा. जिस वक्त यह सब हो रहा था, मीडियाकर्मी भी पास ही मौजूद थे. एक न्यूज चैनल के मुताबिक आसाराम ने डॉक्टरों से कहा कि पत्रकारों को यहां से बाहर भेजिए. आसाराम ने आशंका जाहिर की कि मीडिया उन्हें एड्स होने की खबर चला सकता है. 6 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट ऐंड सेशन कोर्ट ने आदेश दिया था कि आसाराम की सेहत की जांच करने के बाद पूरी रिपोर्ट कोर्ट में जमा कराई जाए.
आसाराम के यौन उत्पीड़न की शिकार लड़की के पिता ने आसाराम का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है. लड़की के पिता ने आज शाहजहांपुर में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस को आसाराम का पॉलीग्राफ टेस्ट और ब्रेन मैपिंग करानी चाहिए, जिससे उनका सच दुनिया के सामने आ सके और झूठ बेनकाब हो. उन्होंने कहा कि यदि आसाराम समर्थक मेरी बेटी को गलत मानते हैं, तो भी उनका नार्को परीक्षण कराया जाये और मेरे पूरे परिवार की भी जांच करा ली जाये. पीड़िता के पिता ने सीबीआई जांच पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग आसाराम का बचाव कर रहे हैं, उन्हें भी इस बात पर जोर देना चाहिए ताकि सच सामने आ सके.
आसाराम पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगानेवाली नाबालिग लड़की ने कहा है कि उसका मकसद अब आईएएस अफसर बनना है. उसने कहा कि वह उस रात को कभी नहीं भूल पाएगी जो उसके साथ हुआ है. उसने कहा- पहले मैं चार्ट्ड एकाउंटेंट बनना चाहती थी लेकिन अब मैं आईएएस अफसर बनकर ऐसे लोगों (आसाराम) को सबक सिखाना चाहती हूं. उसने कहा कि मेरी जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रही. वह रात मेरी जिंदगी में कहर बनकर आई. कभी नहीं भूल पाऊंगी मैं वह सब. आसाराम ने हमारे सपने चूर कर दिए. कल तक मैं सीए बनना चाहती थी. लेकिन अब आईएएस ही बनूंगी. इसके लिए चाहे मुझे कितना भी कड़ा संघर्ष क्यों न करना पड़े. बस यह बुरा वक्त गुजर जाए. पीड़ित लड़की ने इस बात की अपने पिता से आशंका जताई है कि वह अब जोधपुर में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाएगी.





