झांसी से प्रकाशित दैनिक 'जन-जन जागरण' दिन प्रतिदिन तरक्की कर रहा है। इस तरक्की के कारण दैनिक जागरण झांसी, कानपुर व अन्य संस्करणों के मालिक बौखला गए हैं, जिसके चलते वह सोची-समझी साजिश करने लगे हैं। दैनिक जन-जन जागरण को झांसी में तरक्की देने में एजीएम बालेन्द्र गुप्ता का अहम योगदान हैं, जिसके चलते वह बालेन्द्र गुप्ता को निशाना बनाने की फिराक में हैं। राह चलते उनको धमकियां मिल रही हैं, जिसके चलते उनको दैनिक जागरण के मालिकों से जान से खतरा है। वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री समेत झांसी डीआईजी व एसएसपी से कर चुके हैं, लेकिन आज तक इस संबंध में किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं हुई है। कार्यवाही न होते हुए एजीएम बालेन्द्र गुप्ता ने पुनः इसकी शिकायत पुनः मुख्यमंत्री समेत झांसी डीआईजी व एसएसपी से करेंगे।
दैनिक जन-जन जागरण झांसी ही नहीं बल्कि बुन्देलखण्ड के प्रत्येक जिलों से लेकर प्रत्येक गांवों तक पाठकों तक पहुंच रहा है। झांसी संस्करण में झांसी जिले के ग्रामीण अंचल से लेकर ललितपुर, जालौन-उरई, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर समेत अन्य जिलों व गांवों की खबरंे प्रकाशित हो रही हैं। इतने जिलों की खबरें प्रकाशित होने से दैनिक जागरण का अस्तित्व खतरे में है जिसके चलते अखबार की लोकप्रियता पर खासा असर पड़ा है और जिसका पूरा-पूरा फायदा जन-जन जागरण को मिला है। इसी लोकप्रियता को दैनिक जागरण पचा नहीं पाया है और दैनिक जागरण के मालिकों ने सोची-समझी साजिश करते हुए दैनिक जन-जन जागरण के एजीएम बालेन्द्र गुप्ता को टारगेट बनाना शुरू कर दिया है। गुंडों द्वारा उनको राह चलते धमकी मिलती है तो कई तरह से परेशान भी किया जाने लगा है। इसके अलावा कई खबरों में फर्जी तरीके से नोटिस भी दिया जा रहा है। जिसके मुकदमें अभी भी कोर्ट में विचाराधीन हैं। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन-जन जागरण को फर्जी अखबार बताकर मुकदमा किया है, लेकिन साक्ष्य उनके पास कुछ भी नहीं हंै, जो मुकदमा विचाराधीन है।
वहीं, बांदा, महोबा, ललितपुर समेत अन्य जिलों से भी नोटिस भेजा जा रहा है तो कई जिलों से नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही हैं, साथ ही साथ अन्य जिलों के संवाददाताओं को भी धमकाया जा रहा है, जिससे वह जिले की एजेंसी बंद कर दें। दैनिक जागरण की इस गुंडागर्दी के चलते जन-जन अखबार के कई संवाददाता घबराए हुए हैं। इसी के चलते एजीएम बालेन्द्र गुप्ता ने 10 जुलाई 2012 को मुख्यमंत्री समेत झांसी डीआईजी व एसएसपी को शिकायती पत्र भेजकर अपनी व अपने कर्मचारियों की जानमाल का खतरा बताया था, लेकिन अभी तक किसी पर भी कार्यवाही न होने से रोष व्याप्त है। उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री समेत झांसी डीआईजी व एसएसपी को शिकायती पत्र भेजने का निर्णय लिया है। अगर इसके बाद भी कार्यवाही न हुई तो वह लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री आवास पर धरना देंगे।
वहीं, दूसरी ओर दैनिक जागरण के सम्पादक व उनके पत्रकारों पर कई मुकदमें पंजीकृत होने से उनके हौंसले पस्त हुए हैं। जिसके चलते दैनिक जागरण के सम्पादक ने इलेक्ट्रोनिक मीडिया समेत अधिकांश पत्रकारगण, चंद व्यापारी व नेताओं का सहारा लेकर ज्ञापन देने शुरू कर दिए हैं, ताकि प्रशासन पर दवाब बनाया जाए, इसके चलते दैनिक जागरण के मालिक ने पत्रकारों से मेलजोल भी बढ़ा दिया है। लेकिन यह उनकी कैसी सोच है कि दूसरी तरफ वह जन-जन जागरण को अपन दुश्मन मान रहे हैं, कुल मिलाकर वह अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं और काम पूरा होने के बाद भी वह अन्य पत्रकारों को दूध में से मक्खी की तरफ बाहर निकालकर फेंक देंगे।
झांसी से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






