राष्ट्रीय सहारा गोरखपुर में कार्यरत रिपोर्टरों की बीट बदल दी गयी है. प्रेस कल्ब में जुटे पत्रकार यह कहते सुने जा रहे हैं कि फलां विभाग का आफिस कहां है भाई? कई पत्रकारों को नयी बीट पर खबर निकलने में पसीने उतर रहे हैं. कुछ गदगद भी हैं क्योंकि लम्बे अर्से से एक ही बीट पर अपना वर्चस्व कायम रखने वाले पत्रकारों की मोनोपोली को संपादक अनिल पाण्डेय ने तोड़ दिया है. नयी व्यवस्था के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार दीप्त भानू डे ब्यूरो प्रमुख / समन्वय / विशेष मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते रहेंगे.
उनके अवकाश के दिन उनके सभी दायित्वों का निर्वहन धर्मेन्द्र सिंह करेंगे. पहले यह कार्य रमेश शुक्ल करते थे. धर्मेन्द्र सिंह को उच्च शिक्षा के दायित्य से मुक्त कर प्रशासन/आपदा प्रबंधन / विकास भवन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. रमेश शुक्ल को प्रशासन से मुक्त कर रेल/ श्रम/ सेवायोजन /इन्गिनियारिंग कालेज और बसपा की जिम्मेदारी दी गयी है. राधेश्याम जैसवाल जी आर पी / आरपीएफ/ रेलवे स्टेसन / धरना / प्रदर्शन, राकेश सिंह बिजली /मनोरंजन/ रोडवेज और जदयू देखेंगे.
बीनू मिश्रा धर्म पर्व/ महिला कल्याण /बाल श्रम देखेंगी. दिलीप सिंह से क्राईम ले लिया गया है. वह नगर निगम/आबकारी /कस्टम /मेडिकल कालेज देखेंगे. रीतेश मिश्रा क्राइम/ कांग्रेस /पोस्ट मार्टम, पुरुषोतम राय स्वाश्थ्य /भाजपा /पंचायती राज़, धीरज श्रीवास्तव सहारा इण्डिया परिवार / अल्प्संखयक सगठन, आलोक दुबे बेसिक शिक्षा, महेश्वर मिश्र वन, विपिन नागबंशी क्राईम, मोहन राव आरटीओ, उमेश पाठक यूनिवर्सिटी, अरुण तिवारी आकशवाणी/दूरदर्शन और कमलेश सिंह क्राईम देखेंगे. कई पत्रकारों को नयी बीट पर सूत्र जुटाने /बनाने में दिक्कत आ रही है. कई पत्रकार पूछते फिर रहे है अमुक आफिस कहां है. सूत्र बताते हैं कि कई पत्रकारों के मन उदास है क्योंकि उनकी मोनोपोली टूट चुकी है. जयादातर पत्रकार नयी ऊर्जा और नए उत्साह के साथ काम कर रहे है , लगता है अब राष्ट्रीय सहारा का तेवर कलेवर पहले से बेहतर हो रहा है.





