पुलिन त्रिपाठी अमर उजाला में कार्यरत हैं और उनका तबादला हल्द्वानी कर दिया गया है. उन्होंने अखबार के मालिक राजुल माहेश्वरी और संपादक यशवंत व्यास को एक पत्र लिखकर मानवीय आधार पर तबादला रोकने का अनुरोध किया है. पुलिन की तरफ से जो पत्र राजुल माहेश्वरी, संपादक यशवंत व्यास को भेजा गया है, वह इस प्रकार है…
आदरणीय महानुभाव
बिना मेरी परिस्थितियों को जाने मेरा हल्द्वानी स्थानानंतरण कर दिया गया है। मेरे पिता जी के दोनों पैरों में हिप ज्वाइंट नेक्रोसिस नाम की बीमारी है। उन्हें अगर वाशरूम जाना होता है तो मेरी आवश्यकता पड़ती है। सन् 2012 के अगस्त महीने में मेरे हाथ में चोट की वजह से उन्होंने स्वयं व्हील चेयर से जाने की चेष्टा की तो वाशरूम में ही वे गिर गए। उनकी चार हड्डिया और टूट गईं। जो अभी तक नहीं जुड़ पायीं हैं ।
मेरी मां हार्ट की सीवियर पेशेंट हैं। हाल ही मेरी छोटी बेटी को एपिलेप्सी की बीमारी हो गई है। इन सारी बातों की तस्दीक कराई जा सकती है। ऐसे में मेरा कानपुर छोड़ कर जाना असंभव है। यदि आपकी कृपा दृष्टी पड़ जाए तो मेरे संकट समाप्त हो सकते हैं।
हाल में ही पत्नी की फेलोपियन ट्यूब बस्ट होने और समय से पता न चल पाने के कारण उनका आपरेशन कराना पड़ा। आपरेशन की वजह से में सांस्थानिक कर्ज और निजी लोन के दुष्चक्र में मैं काफी बुरी तरह फंस गया हैं। आपके आदेशानुसार 14 सितंबर को हल्द्वानी दफ्तर में में ज्यावट कर चुका हूं। कृपया मेरी स्थानंतरण वापस ले लें। महान कृपा होगी।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपका स्नेह मुझे और मेरी कुटुंब को मिलता रहेगा।
सदैव आपका
पुलिन त्रिपाठी





