‘दैनिक भास्कर’ को बिहार की राजधानी पटना से लांच किए जाने की संभावना और इस अखबार के बिहार झारखंड का हेड वाईसी अग्रवाल को बनाए जाने की चर्चा के बाद कई मीडिया घरानों की नींद उड गई है। गौरतलब है कि योगेश चंद्र अग्रवाल का संक्षिप्त नाम वाईसी अग्रवाल है जो पूर्व में एचटी मीडिया ग्रुप के वाईस प्रेसीडेंट ‘आपरेशन’ के रूप में बिहार झारखंड के हेड रह चुके हैं। उन्होंने प्रदीप की जगह पर 1986 में पटना से प्रकाशित हिन्दुस्तान को अपने अकेले दम से शिखर तक पहुंचाया पर 2010 में अखबार प्रबंधन ने उनकी उपेक्षा कर उन्हें तो दिल्ली बुला ही लिया उसके बाद एक-एक कर उनकी टीम के सदस्यों को भी शंटिंग में डाल दिया।
ऐसे लोगों में जीएम स्तर के अधिकारी विजय कुमार सिंह, के के वर्मा, अनिल कुमार सिंह व सर्कुलेशन प्रभारी पुनित खंडेलिया सहित कई लोग शामिल थे। पुनित खंडेलिया ने बाद में प्रभात खबर ज्वाइन कर लिया जबकि केके वर्मा ने दिल्ली तबादले के कुछ वर्षों बाद इस्तीफा दे दिया। इसी तरह संपादकीय विभाग से भी तब ब्यूरो चीफ रहे अरूण अशेष, चीफ रिपोर्टर प्रमोद मुकेश, अपराध और पुलिस विभाग की खबरों सहित अन्य विभागों की अंदरुनी खबरों पर विशेष पकड़ और सीनियर क्राइम रिपोर्टर विनायक विजेता सहित कई पत्रकारों ने हिन्दुस्तान को अलविदा कह दिया।
प्रभात खबर में स्थानीय संपादक रहे प्रमोद मुकेश को ही पटना से लांच होने वाले भाष्कर का स्थानीय संपादक बनाया गया है। अब वाईसी के भास्कर ज्वाईन करने की चर्चा है तो यह संभावना बलवती हो गई है कि वाईसी के दौर में हिन्दुस्तान प्रबंधन में रहे कई अधिकारी और पत्रकार फिर से वाईसी के साथ दैनिक भास्कर से जुड सकते हैं। विनायक विजेता को वाईसी का करीबी और विश्वस्त माना जाता रहा है। अगर वाईसी को ‘दैनिक भास्कर’ की बिहार और झारखंड की कमान सौंपी जाती है तो इसका सबसे ज्यादा असर ‘हिन्दुस्तान’ पर ही पड़ने की संभावना है। बताया जाता है कि वाईसी की रिश्तेदारी भी भास्कर समूह के मालिक से है। वाईसी के बेटे की शादी भास्कर समूह के मालिक की पोती से हुई है।
पटना से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. भड़ास से संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.






