Dilip C Mandal : रामदेव भाजपा के साथ. जनरल वी के सिंह भाजपा के साथ, किरण बेदी वहीं कहीं आसपास. श्री-श्री आगे पीछे. चुनाव बाद केजरीवाल क्या करेंगे, किसी को मालूम नहीं. और एक बची दुर्गा शक्ति, तो उसने भी मांग ली माफी…बाजार में आइकन यानी नायक-नायिकाओं का बाजार भाव ठीक नहीं है. शहरी मिडिल क्लास की कोई तो परवाह करे. सारे आइकन कितने निर्दयी और निष्ठुर साबित हो रहे हैं… (वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टुडे के एडिटर दिलीप मंडल के फेसबुक वॉल से)
Anil Dixit : निलम्बित आईएएस दुर्गा शक्ति मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिल ली हैं, अब वो बहाल हो जाएंगी। तो क्या, मुलाकात न होने की वजह से निलंबन हुआ था ? आरोप गलत थे ? क्या सीएम चाहें तो किसी का भी महज मुलाकात के बाद निलम्बन निरस्त कर सकते हैं? फिर इतना लम्बा-चौड़ा नाटक हुआ क्यों था? सपाई नीतियों की पोल खुल रही है। मुजफ्फरनगर में दंगा भड़काने के एक आरोपी राशिद सिद्दीकी की पुलिस सुरक्षा बढ़ गई है जबकि भाजपा-बसपा के विधायक गिरफ्तार हो रहे हैं। मथुरा के राया क्षेत्र में सपा के नगर पालिका सभासद के घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली है… शक हो रहा है, जवाब तो चाहिये ही… (अनिल दीक्षित के फेसबुक वॉल से)
इस प्रकरण के बारे में अमर उजाला अखबार की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर यूं है…
दुर्गा ने अखिलेश को दी सफाई, आज बहाली मुमकिन
उत्तर प्रदेश से आज की सबसे बड़ी खबर आ रही है। आखिरकार दुर्गाशक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दे दी है। हमें मिल रही जानकारी के मुताबिक, दुर्गा सिंह नागपाल ने शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से छोटी-सी मुलाकात की और पूरे मामले पर सफाई देते हुए अपना पक्ष रखा। सूत्रों के मुताबिक, दुर्गा ने माफी भी मांगी है और उन्हें कल तक बहाल भी कर दिया जाएगा। हालांकि कुछ जानकार कह रहे हैं कि इसके पीछे दुर्गा की माफी नहीं, बल्कि प्रशासनिक नियम हैं। दरअसल, नियमानुसार दुर्गा को अब बहाल करना जरूरी है क्योंकि उन्हें निलंबित हुए एक महीने से ज्यादा वक्त बीत चुका है। नियम कहता है कि किसी आईएएस अफसर को एक महीने से ज्यादा दिनों तक निलंबित नहीं रखा जा सकता।
गौरतलब है कि यूपी के प्रमुख सचिव आरएम श्रीवास्तव को इस मामले की पूरी जांच करने को कहा गया था। जानकारी के अनुसार, श्रीवास्तव ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं पेश की है। इसलिए, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आरएम श्रीवास्तव ने ही दुर्गा से बात करके इस पूरे मामले को शांति से निपटाने का रास्ता निकाला है। गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर में एक निर्माणाधीन मसजिद की दीवार गिराने का आदेश देने के आरोप में दुर्गा शक्ति को निलंबित कर दिया गया था। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दुर्गा के निलंबन की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार ने तत्परता से कार्रवाई करके सराहनीय कार्य किया। मुलायम ने कहा था कि पता नहीं क्यों एसडीएम दुर्गाशक्ति ने पूरे मामले को घुमाया, जिससे वहां सांप्रदायिक शक्तियों को दंगा भड़काने का मौका मिल गया था। 20 अगस्त को भी खबर आई थी कि आईएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन जल्द ही खत्म हो सकता है। शासन ने बताया था कि नागपाल को दी गयी चार्जशीट का जवाब मिल गया है और इसका परीक्षण किया जा रहा है। हालांकि, उसके बाद कोई फैसला नहीं किया गया था।





