जैसलमेर जिला मुख्यालय पर अखबार के नाम पर वसूली का धंधा इन दिनों जोरों पर चल रहा है, एक राज्य स्तरीय अखबार जो अपने आप को भास्कर, पत्रिका के बाद राज्य में तीसरे स्थान पर मानता है के स्थानीय ब्यूराचीफ की दबंगाई का आलम यह है कि ये खबरों के नाम पर शहर भर के सभी कार्यालयों से वसूली करते दिखाई देते हैं, नगर परिषद से लेकर, पंचायत समिति, जलदाय विभाग सहित कई ऐसे विभाग हैं जो दबी जुबान में इनकी दबंगाई का विरोध करते हैं लेकिन चूंकि अखबार वाले का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.
सभी जानते हैं कि ये अखबार अपने पत्रकार को क्या वेतन देता है ऐसे इस पत्रकार के पास लग्जरी गाडिया होना और सडकों पर सोने के जेवरों का प्रदर्शन करना इसका शौक बन गया है और अपने इसी शौक के चलते ये पत्रकार जिसके पास पत्रकारिता के अलावा और कोई कार्य नहीं है कहां से ये सब चीजें जुटा रहा है, बात साफ है बिना वसूली इतना धन नहीं कमाया जा सकता है,, अखबार के नाम पर जो काली कमाई इसके द्वारा की जा रही है उसकी जांच होनी चाहिये ताकि पत्रकारिता के इन कलंकों को दूर किया जा सके।
धन्यवाद
जय जैसाण
Deepk Kumar





