भड़ास यानि भड़ास4मीडिया.
भड़ास यानि भारत में वेब मीडिया का प्रचंड नाम.
भड़ास यानि भारत में न्यू मीडिया का अग्रदूत.
भड़ास यानि भारतीय मीडिया के करप्शन और शोषण के खिलाफ संघर्ष का सबसे बड़ा नाम.
भड़ास यानि संगठति भ्रष्टाचार और लूट के खिलाफ बेबाकी और बेखौफ का दूसरा नाम…
उपरोक्त बातें हम नहीं कह रहे… लोग कहते हैं… भड़ास ने कभी अपनी तारीफ में, अपनी ब्रांडिंग में कुछ नहीं कहा.. इसके पाठकों के शब्द और बयान ही इसकी ब्रांडिंग के लिए काफी है…
भड़ास के बारे में कुछ और बातें…
- भड़ास पिछले छह साल से सत्ता, सिस्टम, लुटेरों, दलालों, भ्रष्टाचारियों के विरोध, प्रताड़ना, उत्पीड़न को झेलने के बावजूद न सिर्फ जिंदा है बल्कि पूरे तेवर के साथ आगे बढ़ रहा है..
- भड़ास को रोकने के लिए इससे जुड़े लोगों को समय-समय पर तरह-तरह से परेशान-प्रताड़ित किया जाता है…
- भड़ास को परेशान करने के लिए अब तक कई दर्जन मुकदमें देश भर में लिखाए जा चुके हैं…
- भड़ास को बंद कराने के लिए इससे जुड़े लोगों को थाना, पुलिस, जेल जैसी जगहों पर सफेदपोशों के इशारे पर भिजवाया जा चुका है…
- भड़ास का तेवर खत्म करने और मनोबल गिराने के लिए समय-समय पर भ्रष्टाचारियों और दलालों की तरफ से धमकियां दी जाती रही हैं..
पर भड़ास आश्चर्यजनक रूप से न बंद हो रहा और न खत्म हो रहा और न इससे जुड़े लोगों का मनोबल टूट रहा…
पर इस भड़ास के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है, वह है इसका आर्थिक रूप से कमजोर होना…
- इस भड़ास का संचालन कारपोरेट के पैसे से नहीं, आप सभी के छोटे-छोटे योगदान से किया जाता है.
- अगर आप भड़ास पढ़ते हैं, भड़ास पसंद करते हैं, भड़ास से उम्मीदें पालते हैं, भड़ास के योगदान को सराहते हैं, भड़ास के तेवर के प्रशंसक हैं तो आपको जरूर सोचना चाहिए कि इस भड़ास को बचाए रखने, चलाते रहने में आपका क्या योगदान हो सकता है.
- आपने अगर भड़ास को एक भी रुपया आज तक चंदे के रूप में नहीं दिया, आपने अगर आज तक एक भी रुपया भड़ास के संचालन में नहीं लगाया, आपने अगर आज तक एक भी रुपया भड़ास को बचाने के लिए खर्च नहीं किया, अगर आपने भड़ास का कंटेंट पढ़ने-जानने के एवज में आज तक एक भी रुपया फीस के बतौर नहीं दिया… तो फिर आप दिल पर हाथ रख कर कहिए कि क्या सिर्फ सदिच्छा से भड़ास चलेगा?
भड़ास आपका मंच है.
भड़ास आपकी आवाज है.
भड़ास एक ऐसा प्रयोग है जो पत्रकारिता की मूल आत्मा को जिंदा रखकर बड़े-बड़ों की बखिया उधेड़ने और उनका काला सच सामने लाने के लिए तत्पर है.
इस भड़ास को बचाने-बढ़ाने में हमें आपके सहयोग की सख्त जरूरत है, और लगातार जरूरत है.
आप जब भी भड़ास पढ़ें तो जरूर सोचें कि आपने भड़ास के लिए अब तक क्या किया?
आप जब कई गैर-जरूरी मद में हजारों रुपये खर्च कर सकते हैं तो भड़ास जैसे मंच को बचाए रखने के लिए कुछ योगदान क्यों नहीं कर सकते?
आप संकोच न करें.
आप शर्म न करें.
आप इसे कल पर न टालें.
जब आप किसी अच्छे ब्रांड, अच्छे मकसद, अच्छे अभियान, अच्छे काम, अच्छे आदमी की मदद करते हैं तो आप खुद के लिए कई मददगार अनजाने में खड़ा कर लेते हैं.
भड़ास के सहज संचालन और जनपक्षधर तेवर को बचाए रखने के लिए आप छोटे से छोटा योगदान भी कर सकते हैं…
शुरुआत सौ रुपये, पांच सौ रुपये, हजार रुपये जैसी रकम भड़ास के खाते में जमा करने से कर सकते हैं..
जो मीडियाकर्मी और गैर-मीडियाकर्मी शुभचिंतक साथी अच्छी जगहों पर कार्यरत हैं उनसे भड़ास को उम्मीद है कि वो सालाना पांच हजार रुपये से दस हजार रुपये आर्थिक मदद के रूप में दें.
आप अगर खुद आर्थिक मदद करने के अलावा भड़ास को विज्ञापन दिलाने में समक्ष हैं, तो ऐसा कर सकते हैं. इस बारे में बात की जा सकती है.
अपने ब्लाग, वेब, अखबार, मैग्जीन, चैनल का लोगो, विज्ञापन भड़ास पर लगाकर और बदले में आर्थिक मदद करके भड़ास की मदद कर सकते हैं.
बाकी, अगर आप कोई सुझाव, कोई राय, कोई सवाल देना-करना चाहते हैं तो अपनी बात [email protected] पर मेल कर सकते हैं.
भड़ास को योगदान के लिए नीचे दो एकाउंट नंबर दिए जा रहे हैं..
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आप जो भी रकम जमा करें, उसके बारे में मुझे yashwant@[email protected] पर मेल करके या 09999330099 पर एसएमएस करके सूचित कर दें ताकि सनद रहे.
आप अपने योगदान के बारे में भड़ास पर प्रकाशित कराना चाहते हों तो इसका मेल में जिक्र करें और अगर आर्थिक मदद को गोपनीय रखना चाहते हों तो इसका भी जिक्र करें.
यशवंत
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