Samar Anarya : इंडिया टुडे बेशर्मी और मक्कारी का नया नाम है. (वैसे मुख्यधारा की पत्रकारिता का भी यही नया नाम है.) यह 'विश्वसनीय' ख़बरिया पत्रिका पहले अपने वेबसाइट पर मोदी की रैली में आये पचास हजार (जिनमे 5000 पुलिस वाले और हजार पत्रकार और अन्य लोग थे) को पाँच लाख बनाने के लिए रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस रैली की तस्वीर को जापानी पार्क का बता देती है. फिर Abhishek भाई के इस गलती को पकड़ लेने के बाद झूठ बोलती है कि यह फोटो उन्हें Crowdsourcing से मिली थी.
क्राउडसोर्सिंग? माने लोगों की भेजी गयी तस्वीर. माने कोई मोदी समर्थक अपना हवाई जहाज लेकर घूम रहा था, ख़ास इसी रैली की तस्वीर लेने के लिए? या किसी फ्लाइट से आने वाले बन्दे ने तस्वीर ली और उतरते ही पहला काम किया कि इंडिया टुडे को भेज दी? शर्म करो बेहूदों.. माने कारपोरेट पत्रकारिता में शर्म की कोई जगह बची हो तो. माफ़ी तो ठीक से मांग लिया करो. फर्जी तस्वीर की फर्जी माफ़ी आप इंडिया टुडे के ही इस तस्वीर या उसके नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी समर अनार्या के फेसबुक वॉल से.






