Nadim S. Akhter : लगता है पत्रकार दीपक चौरसिया और आसाराम के बीच 'व्यक्तिगत लड़ाई' चल रही है. आज आसाराम मामले पर चर्चा के दौरान इंडिया न्यूज पर दीपक चौरसिया को फिर खूब खरी-खोटी सुननी पड़ी और दीपक ने भी डटकर सारे आरोपों का जवाब दिया. इससे पहले आसाराम की चेली नीलम दुबे से इंडिया न्यूज पर ऑन एयर दीपक की खूब तू-तू, मैं-मैं हुई थी और नीलम ने दीपक को दलाल तक कह दिया था. आज आसाराम पर चर्चा के दौरान स्वामी चक्रपाणि नामक प्राणी दीपक पर हमलावर हो गए.
वह नीलम से भी एक कदम आगे बढ़ गए. चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगे कि दीपक शो के दौरान जो कॉफी/चाय पी रहे हैं, वह शराब है. दीपक शराब पीकर एंकरिंग करते हैं. बात इतनी बढ़ गई कि शो के दौरान ही पैनल पर बैठे अजय गौतम नामक प्राणी (जिन्हें धर्म सचेतक लिखा जा रहा था और जो कई टीवी चैनलों पर कुंडली बांचते दिखते हैं) ने दीपक के हाथ से चाय वाला कप छीन लिया और दीपक की जूठी चाय चख ली. चखकर कहा कि ये शराब नहीं है, ग्रीन टी है और जो शराब पीकर नहीं आया है, वही इसे शराब कहेगा. खैर…
चक्रपाणि इतने पर ही नहीं रुके. कहा कि दीपक ने आसाराम के बेटे को फोन पर धमकाया है. टीवी के माध्यम से गुंडई करते हैं, धमकी देते हैं. दीपक ने सफाई दी कि अगर आसाराम जैसों को सलाखों के पीछे पहूंचाने के लिए मुझे धमकी देनी पड़ी, तो मैं दूंगा. फिर दीपक चौरसिया ने चक्रपाणि की पोल पट्टी खोलनी शुरू की. कुछ तस्वीरें दिखाईं कि चक्रपाणि महाराज तो गोवा में और पता नहीं कहां-कहां एडिडास के जूते पहनकर ऐश करते हैं, काहे के संत हैं, किसी महासभा के अध्यक्ष हैं. चक्रपाणि फिर बिफर गए. उन्होंने दीपक पर अटैक किया. बोले, आप तो 5 हजार रुपये की नौकरी करते थे, ये 500 करोड़ के मालिक कैसे बन गए, ये देश जानना चाहता है.
और, बात-बात में चक्रपाणी ने एक पर्ची अपने हाथ में उठा ली. इस पर्ची को देखकर दीपक, चक्रपाणी के बारे में कुछ पढ़ना चाहते थे, लेकिन चक्रपाणि थे कि वह पर्ची दीपक को देने को तैयार नहीं थे. बार-बार दीपक कहते रहे कि भइया, पर्ची तो दे दो, मनुहार करते रहे, लेकिन चक्रपाणि को पता नहीं, पर्ची से क्या भय था कि इसे दीपक को नहीं लौटाया. ये सब ऑन एयर हो रहा था, बाद में दीपक ने दूसरी पर्ची मंगाकर चक्रपाणि का 'काला चिट्ठा' पढकर दर्शकों को सुनाया. चक्रपाणी हल्ला करते रहे.
दीपक और चक्रपाणी के बीच नोंकझोंक इस कदर बढ़ गई थी कि दीपक ने मेज पर हाथ पटककर कहा कि आज कोई नहीं बोलेगा. मैं और चक्रपाणी बोलेंगे. आज से मैं इनको चक्रपाणी महाराज नहीं, चक्रपाणी बोलूंगा. इनकी जगह जेल में है. चक्रपाणी ने झट कहा, मेरी नहीं, आपकी जगह जेल में हैं. आपने कबूल किया है कि आप आसाराम के बेटे नारायण साईं को धमकी दी है. कुछ देर तक बहस देखता रहा, फिर मैंने चैनल बदल लिया.
तेजतर्रार पत्रकार नदीम एस. अख्तर के फेसबुक वॉल से.





