Yashwant Singh : चलो कोई पत्रकार तो निकला जो आसाराम एंड कंपनी को धमका सकता है… वरना ये आसाराम तो जहां-जहां गया, वहां-वहां के पत्रकारों के चेहरे पर घूंसे बरसाकर आया.. चाहें भदोही का मामला हो या गाजियाबाद का या कहीं और का… ढेर सारे पत्रकारों ने तो ये बात बताई ही नहीं कि उसे आसाराम ने घूंसा मारा.. आसाराम को एक ये भी बड़ी बीमारी है. पत्रकारों को घूंसे मारने की. अकेले में इंटरव्यू करते हुए जिसने भी उससे थोड़ा टेढ़ा और आरोप लगाने वाला सवाल पूछा नहीं कि आसाराम का घूंसा चला…
दीपक चौरसिया को बधाई, इन गुंडों को उनकी औकात दिखाने और उनकी औकात सामने लाने के लिए… आसाराम टाइप के लोगों के खिलाफ अगर दीपक चौरसिया मीडिया ट्रायल कर रहे हैं तो करने देना चाहिए… जिस दिन मीडिया वाले चुप हो जाएंगे, उसी दिन से आसाराम और नारायण साईं अपने पक्ष में माहौल बनाने और विरोधियों को चुप कराने का खेल शुरू कर देंगे…. और, सवाल पूछने वाले पत्रकारों को घूंसा मारना भी शुरू कर देंगे…
मूल खबर..
भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





