Uday Prakash : सुबह सब्जी मंडी में प्याज ने पिछले ढाई-तीन महीने की रिकार्ड तोड़ सस्ताई दिखाई. ४५ रुपये किलो. मंडी के बाहर, ठेले वाले ५५ रुपये और स्थाई दूकानदार ६०-६५ रुपये किलो बच रहे हैं. वजह ? नवरात्रि . इन दिनों दिल्ली-गाज़ियाबाद के इलाके में अधिकतर ग्राहक प्याज-लहसुन नहीं खाते. पता चला अष्टमी के पहले प्याज और सस्ता होगा.
घर के बगल में, सीएनजी गैस स्टेशन के पास, उत्ताराखंड के पंडित-पंडिताइन जी चाय-मठरी-बिस्कुट की दूकान चलाते हैं. सुबह की एक चाय उनकी दूकान में होती है. जबसे नवरात्रि शुरू हुई है, पंडित जी पूरी सब्जी भी बनाने लगे हैं. २० रुपये में पांच पूरी, दो सब्जियां और पनीला अचार. उन्होंने भी न्यौता दिया है. आप खा कर देखिये, बिना प्याज-लहसुन की सब्जी. पता ही नहीं लगा पायेंगे.
मैंने कहा लेकिन डाक्टर की राय मेरे लिए यही है कि खूब लहसुन-प्याज खाऊं. कोलस्ट्राल बढ़ा हुआ है. ऊपर से आज ११:३० पर एमआरआई और २:३० पर ई.ई.जी. होनी है. दिमाग के बायीं ओर कुछ हलका-सा मामला है. २९ दिसंबर २०११ से शुरू हुआ यह एम.आर.आई. अब छठवां है. हर बार पहले से बेहतर. डाक्टर का कहना है, अब इस बार यह शायद आखिरी होगा. डाक्टर पद्मभूषण हैं और जैन हैं. लेकिन उन्होंने भी अपने इस लेखक पेशेंट को लहसुन-प्याज खाने की सलाह दी है.
पंडित जी ने कहा -अरे, डाक्टर-फ़ाक्टर सब फ़ालतू की बात करते हैं. माता जी सब भला करेंगी. प्याज सस्ता करने और मेरा भला करने वाली सिंहवाहिनी, आठ से अठारह भुजाओं में हथियारधारिणी देवी के प्रति डर कुछ कम हुआ और 'जय माता दी ….जय माता दी' कह कर ६ रुपये चाय का बिल चुकाया और घर लौट कर प्याज का यह फोटो अपने मोबाइल से खींचा.

आप भी देखिये, दोस्तो.
प्याज में गजब का सौंदर्य है.
ईडेबिल एस्थेटिक्स .
भक्ष्यणीय सौंदर्य.
जय माता दी !!
जाने-माने साहित्यकार उदय प्रकाश के फेसबुक वॉल से.





