हिन्दुस्तान आगरा के एटा ब्यूरो आफिस में सोमवार 7-10-13 को पुलिस पहुंची. एटा में विज्ञापन के राजीव गुप्ता व सर्कुलेशन विभाग के सुबोध गुप्ता द्वारा की गई गड़बडियों को तत्कालीन ब्यूरोचीफ अनुज शर्मा ने पकड़ लिया था. यही नहीं इस संबंध में लगातार संपादक और उच्च प्रबंधन को शिकायत कर रहे थे. कई ठोस सबूत उन्होंने अपकंट्री हेड अरूण त्रिपाठी, संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा व यूपी उत्तराखंड के एचआर हेड रवि शंकर तक पहुंचा दिए थे.
इसकी आग शिव सिंह, महौरी और खुद जीएम अवनीश बंसल तक पहुंच रही थी. हिन्दुस्तान के अंदर के सूत्रों का कहना है कि अपने पापों पर पर्दा डालने के लिए एटा में अमिताभ सक्सेना को एरिया मैनेजर बनाकर भेजा ताकि अधिकारों की कटौती होने पर अनुज शर्मा खुद को प्रबंधन के आगे सरेंडर कर दें लेकिन अनुज शर्मा ने गड़बडियों की शिकायत करना बंद नहीं किया. इसी खुन्नस में 27 अप्रैल 2013 को अपने आकाओं के इशारे पर सुबोध व राजीव गुप्ता ने सुबह मीटिंग के टाइम अनुज शर्मा पर हमला कर दिया था. इस मामले में स्थानीय प्रबंधन ने हिन्दुस्तान के शीर्ष प्रबंधन तक को गुमराह कर दिया.
घटना के कुछ दिनों बाद रुटीन दौरे पर आगरा पहुंचे ग्रुप एडिटर शशि शेखर से अनुज शर्मा की करीब चालीस मिनट तक संपादक पुष्पेन्द्र शर्मा की मौजूदगी में बात हुई थी. शेखर जी को सबूत दिखाए गए थे लेकिन उन्होंने सबूतों को ग्रुप एचआर हेड राकेश गौतम को मेल करने को कहा था. प्रधान संपादक से मुलाकात के बाद अनुज शर्मा आश्वस्त थे कि उनको न्याय मिलेगा लेकिन कई महीने तक चुप रहने के बाद भी न्याय न मिलने पर अनुज शर्मा ने अब हिन्दुस्तान के भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने की ठानी है.
उनकी शिकायत के बाद ही डीएसपी कासगंज अशोक कुमार सिंह अपनी टीम के साथ जांच करने पहुंचे. जिला प्रभारी शैलेन्द्र उपाघ्याय के भी बयान दर्ज किए गए. डीएसपी के पास डीआईजी का आदेश था कि वह मौके पर जाकर जांच कर मुकदमा दर्ज करवाएं. अब इस मामले में अनुज शर्मा के खिलाफ साजिश रचने वाले हिन्दुस्तान के अधिकारी और हमलावरों पर कभी भी मुकदर्मा दर्ज हो सकता है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





